राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने के लिए कांग्रेस ने किसान आंदोलन में उन्हें कुदाया

लम्बे समय से कांग्रेस पार्टी का कोई स्थाई अध्यक्ष नहीं है, पिछले साल लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, इसके बाद कई दिनों चली CWC की मीटिंग में सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया. हालाँकि अब एक बार फिर कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी को ही अध्यक्ष पद सौंपने की तैयारी कर रही है, राहुल गांधी ने हामी भी भर दी है.

कृषि कानून के विरोध में राहुल गांधी जिस तरह से एक्टिव हुए हैं माना जा रहा है कि कांग्रेस एक रणनीति के तहत ये सब कर रही है, लोगों का कहना है कि अध्यक्ष बनाने के लिए ही कांग्रेस ने राहुल गांधी को कृषि कानून के विरोध में जमीन पर उतारा है.

बताए दें कि कुछ दिन पहले ही सोनिया गांधी के घर हुई कांग्रेस नेताओं की बैठक में राहुल गांधी को अध्यक्ष पद सँभालने की माँग उठी…बैठक के अंत में राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी जो ज़िम्मेदार देगी उसे मैं उठाउंगा, इस पर बैठक में तालियाँ बजीं। यानि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस बयान से खुश हैं और राहुल गांधी भी दोबारा कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए तैयार हैं।

कृषि कानून के विरोध में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाक़ात की और दो करोड़ हस्ताक्षर राष्ट्रपति को सौंपे। राहुल गांधी ने दावा किया कि 2 करोड़ किसानों ने कृषि कानून के विरुद्ध हस्ताक्षर किया है.

राष्ट्रपति से मिलने के बाद मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने एक बार फिर दोहराया कि कृषि कानून किसान विरोधी है. राहुल गाँधी ने कहा कि राष्ट्रपति से हमने कहा कि ये जो कानून बनाए गए हैं ये किसान विरोधी हैं और इनसे किसानों,मज़दूरों का नुकसान होने वाला है। मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि किसान हटेगा नहीं, प्रधानमंत्री को ये नहीं सोचना चाहिए कि किसान, मज़दूर घर चले जाएंगे।