कांग्रेस पर बरसी NCP, दरबारी राजनीति’ के चलते शरद पवार नहीं बन सके प्रधानमंत्री!

वैसे तो महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी की गठबंधन सरकार चल रही है लेकिन दोनों पार्टियों का एक दूसरे के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चलता रहता है, जी हाँ! एनसीपी के दिग्गज नेता प्रफुल्ल पटेल का कहना है कि शरद पवार 1990 के दशक में जब कांग्रेस में थे, उस दौरान अपने खिलाफ ‘दरबारी राजनीति’ के कारण वह दो मौकों पर प्रधानमंत्री नहीं बन पाए थे।

एनसीपी प्रमुख शरद पवार के एनसीपी प्रमुख शरद पवार के 80वें जन्मदिन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि पवार ने बहुत कम समय में कांग्रेस में अग्रिम पंक्ति के नेता के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर ली थी। वह 1991 और 1996 में प्रधानमंत्री की भूमिका के लिए निश्चित रूप से स्वाभाविक उम्मीदवार थे। लेकिन दिल्ली की दरबारी राजनीति (भाई-भतीजावाद) ने इसमें अवरोध पैदा करने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस के दरबार का एक तबका प्रभावशाली नेताओं को कमजोर करने के लिए राज्य इकाइयों में विद्रोहों को बढ़ावा देता था। प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि निश्चित रूप से यह न केवल उनके लिए एक व्यक्तिगत क्षति थी, बल्कि उससे भी ज्यादा पार्टी और देश के लिए क्षति थी।