किसानों के हस्ताक्षर पर कांग्रेस बेनकाब, पकड़ा गया बड़ा फर्जीवाड़ा!

कृषि कानून के विरोध में कांग्रेस पार्टी का हल्लाबोल जारी है, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाक़ात की और दो करोड़ हस्ताक्षर राष्ट्रपति को सौंपे। राहुल गांधी ने दावा किया कि 2 करोड़ किसानों ने कृषि कानून के विरुद्ध हस्ताक्षर किया है…कुछ ही घंटों में किसानों के हस्ताक्षर मामलें पर कांग्रेस बेनकाब हो गई है.

रिपब्लिक टीवी के मुताबिक़, राहुल गाँधी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को जो किसान के 2 करोड़ हस्ताक्षर सौंपे हैं, उसमें हस्ताक्षर तो हैं लेकिन न तो किसी किसान का मोबाइल नंबर है और न ही किसी का एड्रेस. ऐसे में ये स्पष्ट नहीं है कि ये हस्ताक्षर किसानों ने ही किये है या कोई और…गौरतलब है कि इससे पहले कोरोना काल में भी कांग्रेस का फर्जीवाड़ा सामने आया था, मजदूरों को लाने के लिए प्रियंका गांधी वाड्रा ने योगी सरकार को 1000 बसों की लिस्ट सौंपी थी, नंबर चेक करने के बाद खुलासा हुआ कि इसमें कुछ नंबर तो ऑटो और बाइक के हैं।

राष्ट्रपति से मिलने के बाद मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने एक बार फिर दोहराया कि कृषि कानून किसान विरोधी है. राहुल गाँधी ने कहा कि राष्ट्रपति से हमने कहा कि ये जो कानून बनाए गए हैं ये किसान विरोधी हैं और इनसे किसानों,मज़दूरों का नुकसान होने वाला है। मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि किसान हटेगा नहीं, प्रधानमंत्री को ये नहीं सोचना चाहिए कि किसान, मज़दूर घर चले जाएंगे।

राहुल गांधी ने आगे कहा कि मैं एडवांस में चीज बोल देता हूं, मैंने कोरोना के बारे में बोला था कि नुकसान होने जा रहा है। उस समय किसी ने बात नहीं सुनी। आज मैं फिर से बोल रहा हूं किसान, मज़दूर के सामने कोई भी शक्ति खड़ी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी हिन्दुस्तान को कमजोर कर रहा है, हमारे लिए अच्छे अवसर बनने जा रहे हैं।