2004 से 2014 के बीच सबसे ज्यादा किसानों ने की आत्महत्या, हर चीज की थी किल्लत: सीएम योगी

साभार- डेक्कन हेरॉल्ड

नए कृषि कानून का समर्थन और विरोध जारी है, कांग्रेस पार्टी कृषि कानून के विरोध में हो रहे आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है और कृषि कानून को काला कानून बताकर रद्द्द करने की मांग कर रही है…कृषि कनून विरोधियों पर अब सीएम योगी ने बड़ा हमला बोला है, योगी ने ट्वीट कर कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के मध्य देश व प्रदेश में सर्वाधिक किसानों ने आत्महत्या की। उन्हें बिजली, खाद, पानी, बीज, अनाज व गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं मिलता था। बता दें क़ी 2004-2014 तक कांग्रेस की सरकार थी, डॉ मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गरीब, किसान, नौजवान व महिलाओं के लिए वही कार्य करेंगे, जिनका उनके प्रति आत्मीयता का भाव हो। जाति, धर्म व परिवार के आधार पर विभेद जिनकी राजनीति का उद्देश्य हो, वह भला गांव, गरीब व महिलाओं के बारे में क्यों सोचेंगे? गरीब के बारे में सोचने की पिछली सरकारों के पास फुर्सत नहीं थी।

सीएम योगी ने आगे कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के मध्य देश व प्रदेश में सर्वाधिक किसानों ने आत्महत्या की। उन्हें बिजली, खाद, पानी, बीज, अनाज व गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं मिलता था। गरीबों की जमीनों पर माफियाओं का कब्जा था। अब सरकार का बुलडोजर इन माफियाओं की छाती पर चल रहा है, खाद-बीज की कोई किल्लत नहीं है।

पीएम मोदी की तारीफ करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने गांव के विकास, किसानों के उत्थान, नौजवानों के उज्ज्वल भविष्य और मातृशक्ति के सम्मान के लिए जो कार्यक्रम 6 वर्ष पूर्व शुरू किए थे, आज उसी श्रृंखला में ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ योजना का लाभ प्रदेश के दो करोड़ तीस लाख किसानों को प्राप्त हुआ है। गौरतलब है कि देश के 9 करोड़ किसानों के खाते में पीएम मोदी ने 18000 करोड़ रूपये डाले।

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