राजस्थान: BTP वापस लिया गहलोत सरकार से अपना समर्थन, कांग्रेस पर लगाया गंभीर आरोप

जयपुर, 11 दिसंबर: भारतीय ट्राइबल पार्टी ( बीटीपी ) ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए अशोक गहलोत सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है, बीटीपी ने ट्वीट करके इसका ऐलान किया। बता दें कि राजस्थान में बीटीपी के दो विधायक हैं. बीटीपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि कांग्रेस-भाजपा एक हैं, इन दोनों का मकसद क्षेत्रीय पार्टियों को ख़त्म करना है.

आपको बता दें कि डूंगरपुर में हुए जिला परिषद् चुनाव में बीटीपी प्रत्याशी को हराने के लिए कांग्रेस ने भाजपा को समर्थन दे दिया, इस तरह से दो कटटर राजनैतिक प्रतिद्वंदी पार्टी एक हुई और क्षेत्रीय पार्टी के उम्मीदवार को हरा दिया। भाजपा प्रत्याशी की जीत से ज्यादा कांग्रेस-भाजपा के गठबंधन के चर्चे हो रहे हैं.

भारतीय ट्राइबल पार्टी ( बीटीपी ) ने आपने ट्वीट में लिखा, BJP- कोंग्रेस_एक_है इसलिए क्षेत्रीय पार्टियों को सत्ता से दूर करने कोंग्रेस- BJP एक दूसरे का विरोध कर क्षेत्रीय पार्टीयो से गठबंधन करके उन्हे खत्म करती है, इसलिए यह लोग तीसरे मोर्चे की बात करते है, इसलिए वह चुनाव के नतीजो मे पहले नही होता। अब पहला मोर्चा बनेगा जो पहले स्थान पर रहेगा।

एक अन्य ट्वीट में बीटीपी ने लिखा, BJP-कोंग्रेस_एक_है बीटीपी ने आज सिर्फ राजस्थान को ही नही पूरे देश के लोगों को लोकशाही की हत्यारी पार्टियों कोंग्रेसBJP की असलियत दिखाई है, आशा है जनता इनका संविधान को खत्म करने का खेल समझे।

भाजपा-कांग्रेस गठबंधन पर तंज कसते हुए बीटीपी ने लिखा, सोनिया गांधी और मोहन भागवत को उनके राजस्थान में हुए गठबंधन का बधाई दीजिए और जो कोंग्रेसी बीजेपी को गाली दे रहे है उन्हें कहिए जलेबी बाटे नए गठबंधन के लिए.

बता दें कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार जब संकट में थी तब बीटीपी ने खुलकर गहलोत सरकार के समर्थन में आई थी लेकिन डूंगरपुर जिला परिषद् चुनाव में बीटीपी उम्मीदवार को हराने के लिए कांग्रेस ने भाजपा को समर्थन दे दिया।

loading...