किसान आंदोलन: टिकैत ने किया बड़ा ऐलान, कहा- अब किसान के मान-सम्मान का सवाल है

कृषि कानून के खिलाफ पिछले 13 दिनों से दिल्ली में किसानों का आंदोलन जारी है, अबतक किसानों और केंद्र सरकार के बीच अबतक 5 बार बातचीत हो चुकी है लेकिन बेनतीजा रही. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 8 दिसंबर 2020 को बातचीत के लिए किसानों को बुलाया। इस बातचीत के बाद एक बात साफ़ हो गई कि केंद्र सरकार कृषि कानून को किसी भी कीमत पर रद्द नहीं करेगी।

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत का कहना है कि आज सरकार के प्रस्ताव के बाद किसान आपस में चर्चा करेंगे, ऐसे में उम्मीद है कि शाम तक सब कुछ साफ हो जाएगा। राकेश टिकैत के मुताबिक, कल उनकी गृह मंत्री अमित शाह के साथ लंबी बात हुई. जिसके बाद अब पहली बार सरकार कोई लिखित प्रस्ताव दे रही है, हम हां या ना की स्टेज से आगे बढ़े हैं।

इसके अलावा राकेश टिकैत ने कहा कि किसान वापस नहीं जाएगा, अब किसान के मान-सम्मान का सवाल है। सरकार कानून वापस नहीं लेगी, तानाशाही होगी? अगर सरकार हठधर्मी पर है तो किसान की भी हठ है। ये पूरे देश के किसानों का सवाल है।