एक महिला के मानवाधिकारों की रक्षा नहीं कर पाए जस्टिन ट्रूडो, कनाड़ा में हुई करीमा बलोच की हत्या!

भारत में दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को लेकर बिन मांगे भारत को सलाह देने वाले कनाड़ा के प्रधानमंत्री ट्रूडो अपने देश में एक महिला के मानवाधिकारों की रक्षा नहीं कर पाए. आतंक के आका पाकिस्तान के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाली बलोच लीडर करीमा बलोच का कनाडा में संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिला है, मौत से दो दिन पहले से वो लापता चल रही थी, उसके बाद उनका शव मिला, फिलहाल ह्त्या की आशंका जताई जा रही है…बलोच इसे ह्त्या ही मान रहे हैं..करीमा बलोच ने जिस तरह से पाकिस्तानी सरकार और पाकिस्तानी सेना की काली करतूतों की पोल अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने खोली थी, उसे देखते हुए हत्या की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

आपको बता दें कि करीमा बलोच 2016 में पाकिस्तान से कनाडा आ गई थीं, कनाडाई शरणार्थी रहीं करीमा बलूच को 2016 में दुनिया की 100 सबसे प्रेरणादायक और प्रभावशाली महिलाओं में शामिल किया गया था. हालाँकि कनाडा में भी करीमा सुरक्षित नहीं रह सकी. करीमा की ह्त्या ने पूरे विश्व को झकझोर कर रख दिया है, साथ ही वहां के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो भी सवालों के घेरे में हैं. दूसरों को बिन मांगे सलाह देने वाले जस्टिन ट्रुडो अपने देश पर नजर नहीं रख पाते कि उनके देश में क्या हो रहा है.

वैसे, ये कोई पहला मामला नहीं है जब पाकिस्तान के खिलाफ आवाज उठाने वाले को इस तरह मृत पाया गया है. कई बार यह बात सामने आ चुकी है कि पाकिस्तान सेना और खुफिया एजेंसियों द्वारा विदेशों में रह रहे असंतुष्टों को प्रताड़ित किया जाता है. उन्हें डराया जाता है कि यदि उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ मुंह खोलना बंद नहीं किया, तो उन्हें जान से हाथ धोना पड़ेगा। शायद यही करीमा के साथ भी हुआ है। लोगों का मानना है कि करीमा बलोच की भी ह्त्या ISI ने ही कराइ है.