अमेरिका ने चलाया चीन पर एक और हथौड़ा, जाते-जाते जिनपिंग को खून के आंसू रुला रहे हैं ट्रम्प!

अमेरिका में सत्ता परिवर्तन हो गया है, डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडेन अमेरिका के नए राष्ट्रपति बन गए हैं, हालाँकि व्हाइट हाउस में अभी डोनाल्ड ट्रम्प हैं क्योंकि उनका कार्यकाल जनवरी तक है। बीते कुछ महीनों को देखा जाय तो अमेरिका और चीन के बीच काफी तनातनी देखने को मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रम्प ने चीन के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया, साथ ही ट्रम्प ने कोरोना के लिए चीन को ही दोषी ठहराया।

चूँकि अब ट्रम्प की हार हुई है और राष्ट्रपति पद से उनकी छुट्टी होने वाली है, लेकिन जाते-जाते ट्रम्प चीन को बड़ा दर्द देते जा रहे हैं। अमेरिका की सत्ता से जाते-जाते डोनाल्ड ट्रंप चीन को खून के आंसू रुला रहे हैं। ट्रम्प ने ड्रैगन पर एक और हथौड़ा चलाया है, जिसकी चोट चीन को काफी समय तक याद रहेगी।

दरअसल, सुरक्षा का हवाला देते हुए अमेरिका ने चीन के सबसे बड़े प्रोसेसर चिप निर्माता कंपनी एसएमआईसी और तेल की दिग्गज कंपनी सीएनओओसी समेत 4 चाइनीज कंपनियों को ब्लैकलिस्ट में डाल दिया है। इस बात की जानकारी डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस ने दी है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अमेरिका में चल रहीं ये वे चीनी कंपनियां हैं, जिनका संचालन चीनी सेना प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कर रही है या फिर ये उनके नियंत्रण में हैं। बता दें कि अमेरिका ने अब तक चीन की कुल 35 कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर रखा है।

3 नवंबर को हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को पहली बार इतना बड़ा झटका दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप यहीं नहीं रुकने वाले हैं, 20 जनवरी को जो बाइडेन का कार्यकाल शुरू होने से पहले डोनाल्ड ट्रंप चीन को और भी जख्म (एक्शन ले सकते) सकते हैं।