किसान आंदोलन से चरमराई पंजाब की अर्थव्यवस्था, अमरिंदर सिंह की उड़ी नींद, पहुंचे अमित शाह के पास!

कृषि कानून का विरोध करने के लिए पंजाब के लाखों किसान हरियाणा के रास्ते दिल्ली पहुंचे हैं, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पहले किसान आंदोलन की क्रेडिट लेते हुए कहा कि हमारे किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हरियाणा सरकार ने किसानों को रोकने की कोशिश भी की लेकिन कैप्टन अमरिंदर हरियाणा सरकार पर भी भड़क गए और सीएम खटटर को जमकर बुरा-भला कहा. लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह के होश अब ठिकानें आ चुके हैं, यही वजह है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली पहुंचे।

केंद्रीय गृहमंत्री शाह से मुलाक़ात करने के बाद मीडिया से बात करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा की किसान आंदोलन से पंजाब की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है, उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसानों को आगे बढ़कर सरकार से बातचीत करके समस्या का हल निकालना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को भी किसानों की बातों को मानना चाहिए। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि किसान आंदोलन से पंजाब की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है।

आपको बता दें कि किसानों ने सिंघु बॉर्डर को बंद कर दिया है, सिंघु बॉर्डर पंजाब और दिल्ली को जोड़ता है, लेकिन बंद होने से ट्रांसपोर्ट वगैरा सब ठप हो गया है, जिसकी वजह से पंजाब की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है. अगर किसानों ने एक हफ्ते और ऐसे बॉर्डर को बंद रखा तो पंजाब की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा जायेगी और इसका सीधा असर हर पंजाब के नागरिक पर पड़ेगा। शायद इसीलिए कैप्टन अमरिंदर सिंह गृहमंत्री अमित शाह के पास पहुंचे।

कृषि कानून को लेकर केंद्र सरकार किसानों के बीच कई राउंड की बातचीत हुई लेकिन कोई हल नहीं निकला। दिल्ली के विज्ञान भवन में आज फिर किसानों और केंद्र सरकार के बीच बातचीत चल रही है. विज्ञान भवन में 42 किसान संगठनों के नेता मौजूद हैं. जबकि केंद्र सरकार की तरफ से तीन केंद्रीय मंत्री मौजूद हैं, जिसमें केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पीयूष गोयल और सोम प्रकाश। अब देखना यह है कि इस बातचीत का क्या नतीजा निकलता है।