वकील प्रशांत पटेल ने जताई आशंका, किसान आंदोलन के नाम पर 12-14 दिसंबर को देशभर में हिंसा की तैयारी!

कृषि कानून के खिलाफ पिछले 13 दिनों से दिल्ली में किसानों का आंदोलन जारी है, अबतक किसानों और केंद्र सरकार के बीच 5 बार बातचीत हो चुकी है लेकिन बेनतीजा रही. कृषि सुधार कानूनों के विरोध में दिल्ली सीमा पर डटे किसानों को सरकार की तरफ से प्रपोजल भेज दिया गया है। किसानों की सबसे बड़ी मांग एमएसपी पर सरकार ने लिखित गारंटी देने का वादा किया। हालाँकि किसान संगठनों ने सरकार का प्रस्ताव खारिज कर दिया है और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है.

किसानों संगठनों ने ऐलान किया है कि 14 दिसंबर को देशभर में धरना प्रदर्शन होगा, उससे पहले 12 दिसंबर को दिल्ली-जयपुर हाइवे जाम किया जाएगा। किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया है कि जबतक कृषि कानून रद्द नहीं हो जाता तक आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

आंदोलनकारी किसानों के इस ऐलान के बाद सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल ने ट्वीट कर आशंका जताई है कि किसान आंदोलन के नाम पर देशभर में हिंसा हो सकती है, वकील प्रशांत पटेल ने अपने ट्वीट में लिखा, 12-14 दिसंबर को देशभर में किसान आंदोलन के नाम पर हिंसा की तैयारी है।

बता दें कि मोदी सरकार ने 20 पेज का प्रस्ताव भेज किसानों की शंकाओं का समाधान करने की कोशिश की है। एमएसपी पर सबसे ज्यादा विवाद हो रहा था। इसपर केंद्र ने कहा कि MSP व्यवस्था खत्म नहीं हो रही है और सरकार इसपर लिखित आश्वासन देगी। यही नहीं, किसान मौजूदा बिजली दर पर ही भुगतान जारी रख पाएंगे और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।