कंगना के ट्वीट से तिलमिलाए अली काशिफ खान, पहुँच गए बॉम्बे हाईकोर्ट, याचिका दायर कर की ये मांग

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बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस कंगना रनौत इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर सक्रिय हैं, ट्विटर के जरिये हर मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रख रही हैं। लेकिन कुछ लोग को ये रास नहीं आ रहा है, यही वजह है कि मुंबई के वकील अली काशिफ खान देशमुख कंगना के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट पहुँच गए हैं।

कंगना रनौत के ट्विटर अकाउंट को सस्पेंड करने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। वकील अली काशिफ ने उनके ऊपर “देश में लगातार नफरत और असामंजस्य फैलाने, और देश को चरमपंथी ट्वीट्स के साथ बांटने का प्रयास करने” का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने इस मामले में ट्विटर इंक को भी पार्टी प्रतिवादी के रूप में जोड़ा है और कहा है कि ‘जब उन्होंने कंगना के ट्वीट के खिलाफ शिकायत की थी, तो वे कार्रवाई करने में विफल रहे।

मुंबई के वकील अली काशिफ खान देशमुख ने अपनी याचिका में लिखा कि ‘कंगना काफी समय से महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस के खिलाफ ट्वीट करती आई है जिसके कारण उनके खिलाफ कार्रवाई करना जरूरी है।

इसके बाद कंगना ने हँसते हुए जवाब दिया कि उनके लिए ‘ट्विटर इकलौता मंच नहीं है, एक चुटकी में हजारों कैमरे उनके एक बयान के लिए हाजिर हो जाएंगे।बकौल कंगना हा हा हा मैं अखंड भारत के बारे में लगातार बात कर रही हूं, हर रोज टुकड़े गैंग से लड़ रही हूं और मुझ पर देश को विभाजित करने का आरोप लगा है। वाह !!! क्या बात है, वैसे भी ट्विटर मेरे लिए इकलौता मंच नहीं है, एक चुटकी में हजारों कैमरे मेरे एक बयान के लिए हाजिर हो जाएंगे।

चाहे पालघर में दो संतों की पीट-पीटकर की गई ह्त्या का मामला हो या सुशांत सिंह राजपूत का केस, कंगना ने हर मामलें पर बेबाकी से अपनी राय रखी. शायद इसी कारण महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ शिवसेना भी उनसे नाराज हो गई. नाराजगी का आलम यह था कि शिवसेना नियंत्रित बीएमसी ने कंगना के मुंबई स्थित दफ्तर पर बुलडोजर चला दिया।

इसके बाद कंगना रनौत ने बीएमसी की इस कार्यवाही को अवैध बताते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट कहा दरवाजा खटखटाया और अंततः वहां से कंगना को न्याय मिला। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी की कार्यवाही को न सिर्फ गलत बताया बल्कि हर्जाना भरने को भी कहा।