भारत में ही बनेंगे 90 फीसदी हथियार, रक्षामंत्री ने दी 30,000 करोड़ की मंजूरी: CDS विपिन रावत

डीआरडीओ में आयोजित एक कार्यक्रम में सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने कहा कि इस वक़्त हमारा देश हमारी उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर कई चुनौतियों का सामना कर रहा है और जिस तरह से हम आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं, ये बहुत जरूरी है कि डीआरडीओ पूरी लगन के साथ काम करता रहे.

सीडीएस रावत ने कहा कि कल हमारी रक्षा खरीद परिषद की बैठक हुई, जिसमें क़रीब 30,000 करोड़ के हथियार और अन्य उपकरण की स्वीकृति रक्षा मंत्री ने दी है। इसमें से 90% हथियार और उपकरण भारत में बनाए जाएंगे। इन सबमें डीआरडीओ का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।

उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में युद्ध की नौबत आती है तो हम स्वदेशी हथियारों से दुश्मन को हराएंगे। उन्होंने कहा कि हम देख रहे हैं कि देश में प्राइवेट सेक्टर हथियार बनाने को लेकर काफी प्रेरित है। उन्हें आपके समर्थन की आवश्यकता है। मुझे लगता है कि भविष्य में युद्ध के मामले में, हम इसे स्वदेशी हथियारों के माध्यम से जीतेंगे। रक्षा मंत्रालय ने इस खरीद को ऐसे समय में मंजूरी प्रदान की है जब भारत और चीन के बीच, पूर्वी लद्दाख में सीमा पर लंबे समय से तनातनी चल रही है।