नंदकिशोर यादव की जगह विजय सिन्हा बनेंगे बिहार विधानसभा के स्पीकर, जानें BJP ने क्यों लिया ये फैसला

बिहार में एनडीए की जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में सरकार का गठन हो गया है। प्रोटेम स्पीकर और जीतनराम मांझी ने सोमवार ( 23 नवंबर, 2020 ) को सभी निर्वाचित विधायकों को सदन के सदस्यता की शपथ दिलाई गई।

एनडीए की जीत के बाद अटकलें लगाई जा रही थी भाजपा नेता नंदकिशोर यादव बिहार विधानसभा के अध्यक्ष होंगे। यादव के नाम पर मुहर भी लग गई थी, लेकिन अब जानकारी मिल रही है कि नंदकिशोर यादव की जगह विजय सिन्हा विधानसभा के स्पीकर बनेगे। ये जानकारी एबीपी न्यूज़ के पत्रकार पंकज झा ने ट्वीट करके दी है।

बता दें कि नंदकिशोर यादव बिहार भाजपा के अनुभवी नेता हैं, उन्होंने पटना साहिब विधानसभा क्षेत्र से सातवीं बार जीत दर्ज की। हालाँकि जातिगत समीकरण को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने नंदकिशोर यादव को बिहार विधानसभा न बनानें का फैसला किया है।

विजय सिन्हा भूमिहार समाज से हैं। बीजेपी ने एक डिप्टी सीएम पिछड़ी और दूसरा अति पिछड़ी जाति से बना दिया। सामाजिक समीकरण ठीक करने के लिए बीजेपी ने ये बदलाव किया। गौरतलब है कि बिहार में जातिवाद की राजनीति का बोलबाला है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक।

भाजपा की शीर्ष कमेटी ने सोमवार की देर रात सर्वसम्मति से विजय सिन्हा को विधानसभा अध्यक्ष बनाने का निर्णय किया है। विजय सिन्हा विधायकों की शपथ ग्रहण प्रक्रिया समाप्त होने के बाद आज मंगलवार (24 नवंबर ) को दोपहर बाद विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करेंगे। आपको बता दें कि लखीसराय से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करने वाले विजय सिन्हा पिछली सरकार में श्रम संसाधन मंत्री थे. इस बार विधानसभा के स्पीकर होंगे।

कटटरपंथी ओवैसी ने जहाँ बिहार में 5 सीटें जीती तो वहीँ हिंदुस्तान आवाम मोर्चा ( हम ) और विकासशील इंसान पार्टी ( वीआईपी ) ने क्रमशः चार-चार सीटों पर जीत दर्ज की. जातिगत समीकरण की वजह से इन लोगों को सफलता मिली।

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