हामिद अंसारी पर भड़क उठे VHP नेता, बोले- इन्हें देश का उपराष्ट्रपति कहने में देशवासियों को शर्म आती है

भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने एक बार फिर जहर उगला है, ये वही हामिद अंसारी हैं जो कई सालों तक भारत के उपराष्ट्रपति रहे उसके बावजूद इन्होनें कहा था कि भारत में डर लगता है। अब हामिद अंसारी ने कहा है कि कोरोना वायरस संकट से पहले ही भारतीय समाज दो अन्य महामारियों- धार्मिक कट्टरता और “आक्रामक राष्ट्रवाद” का शिकार हो चुका।

हामिद अंसारी के इस बयान के बाद विश्व हिन्दू परिषद् के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजयशंकर तिवारी ने कहा है कि इन्हें देश का उपराष्ट्रपति कहने में देशवासियों को शर्म आती है, विहिपि के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने अपने ट्वीट में लिखा, वाह हामिद अंसारी तुम्हें तो देश का उप राष्ट्रपति कहने में ही देश वासियों को शर्म आती है। उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा, यह हामिद अंसारी धार्मिक कट्टरता की बात कर रहे हैं जो 1990-92 में ईरान के राजदूत रहते हुए अपने देश के रॉ के जॉबाजों को मरने के लिए छोड़ दिया था,और देश में मुसलमानों को डर लग रहा है कहकर साम्प्रदायिकता फैलाते रहे हैं।

हामिद अंसारी ने कांग्रेस नेता शशि थरूर की पुस्तक ‘द बैटल ऑफ बिलॉन्गिंग’ के डिजिटल विमोचन के मौके पर कहा कि कोविड एक बहुत ही बुरी महामारी है, लेकिन इससे पहले ही हमारा समाज दो महामारियों- धार्मिक कट्टरता और आक्रामक राष्ट्रवाद का शिकार हो गया था। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक कट्टरता और उग्र राष्ट्रवाद के मुकाबले देशप्रेम ज्यादा सकारात्मक अवधारणा है।

आपको बता दें कि इससे पहले हामिद अंसारी ने भारतीय सेना के शौर्य पर सवाल उठाते हुए एयरस्ट्राइक का भी सबूत माँगा था। उप राष्ट्रपति के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद से ही हामिद अंसारी विवादों में हैं। वे देश के हर जिले में शरीयत अदालत के गठन के विचार का समर्थन कर चुके हैं। उप राष्ट्रपति कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्होंने एक बयान जारी कर कहा था कि बतौर नागरिक वे असुरक्षित और असहज महसूस कर रहे हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जिन्ना की तस्वीर लगाने का समर्थन कर रहे छात्रों के पक्ष में भी वे खड़े हुए थे.