फ़्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ लोगों को एकजुट कर रहा था नईम सिद्दीकी, UP पुलिस ने धर दबोचा!

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के ‘इस्लामिक आतंकवाद’ संबंधी बयान के खिलाफ भारत के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए. भोपाल, मुंबई और हैदराबाद में मुस्लिमों ने भारी मात्रा में एकत्रित होकर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

इसी तरह का विरोध प्रदर्शन उत्तर प्रदेश में नईम सिद्दीकी भी करना चाहता था, इसके लिए नईम बाकायदा सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को एकजुट कर रहा था, लेकिन उपद्रव से पहले ही यूपी पुलिस ने कार्यवाही कर दी यानि नईम को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।

मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने मोहम्मद नईम सिद्दीकी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया और उसे हसनगंज पुलिस स्टेशन ले जाया गया. व्हाट्सएप के जरिए लोगों को उकसाने की कोशिश में उसके और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ सरोजनी नगर स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है।

बताया जा रहा है कि गिरफ्तार किये गए 52 वर्षीय आरोपी मोहम्मद नईम सिद्दीकी ने व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ देश भर की मस्जिदों में नमाज पढ़ने, और अपने घरों पर काले झंडे लगाने के लिए कहा था. नईम सिद्दकी ने मैसेज में लोगों से उत्पीड़कों और विश्वास के दुश्मनों के खिलाफ नमाज पढ़ने और ऐसी ताकतों को नष्ट करने के लिए अपील की थी।

एडीजी के मुताबिक, आरोपी नईम सिद्दीकी को पकड़ने के लिए एंटी टेरर स्क्वाड ( यूपी एटीएस ) ने पुलिस की मदद की।नईम पर कार्रवाई के दौरान एटीएस के अधिकारी भी वहां मौजूद थे। आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए, 505 और 120 बी के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ही साफ़ कर दिया था कि फ़्रांस के राष्ट्रपति के विरोध में प्रदर्शन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। क्योंकि भारत सरकार ने फ़्रांस का समर्थन करने का ऐलान किया है ऐसे में फिर फ़्रांस के विरोध का कोई सवाल ही नहीं उठता। इसके बावजूद अगर किसी ने फ़्रांस का विरोध करने की जहमत उठाई खासकर उत्तर प्रदेश में तो योगी सरकार कड़ी कार्यवाही करेगी।