जारी रहेगी MSP, केंद्रीय मंत्रियों ने ट्वीट कर किसानों को दिया भरोसा

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए कृषि कानून का पंजाब के किसान विरोध कर रहे हैं. पुलिस द्वारा लगाई गई तमाम बंदिशों और बैरिकेड़ों को तोड़ते हुए किसान दिल्ली की सीमा तक पहुंच चुके हैं। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर पिछले चार दिनों से प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने प्रदर्शनकारियों ने उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी स्थित मैदान में जाने के बाद बातचीत शुरू करने के केंद्र के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है।

करीब 30 किसान संगठनों की रविवार को हुई बैठक के बाद उनके प्रतिनिधियों ने कहा कि वे बुराड़ी के मैदान में नहीं जाएंगे क्योंकि वह खुली जेल है। उन्होंने कहा कि वे बातचीत के लिए किसी शर्त को स्वीकार नहीं करेंगे और दिल्ली में प्रवेश के सभी पांच रास्तों को बाधित करेंगे।

अब केंद्र सरकार की ओर से किसानों से बातचीत के प्रस्ताव आने शुरू हो गए हैं। कई केंद्रीय मंत्रियों ने ट्वीट कर किसानों को आश्वासन दिया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य कहीं नहीं जाएगा।

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपने ट्वीट में लिखा, नए कृषि कानून APMC मंडियों को समाप्त नहीं करते हैं। मंडियाँ पहले की तरह ही चलती रहेंगी। नए कानून ने किसानों को अपनी फसल कहीं भी बेचने की आज़ादी दी है। जो भी किसानों को सबसे अच्छा दाम देगा वो फसल खरीद पायेगा चाहे वो मंडी में हो या मंडी के बाहर।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर कहा कि कृषि कानून पर गलतफहमी ना रखें। पंजाब के किसानों ने पिछले साल से ज्यादा धान मंडी में बेचा और ज़्यादा #MSP पर बेचा। MSP भी जीवित है और मंडी भी जीवित है और सरकारी खरीद भी हो रही है।