कंगना रनौत आरक्षण विरोधी हैं, कंगना को 14 दिन के लिए जेल में डाल दिया जाय: उदित राज

कांग्रेस नेता उदित राज ने एक बार फिर बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत के खिलाफ जहर उगला है, उदित राज का कहना है कि कंगना रनौत आरक्षण विरोधी है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट स्वतः संज्ञान ले और कंगना को 14 दिन के लिए जेल में डालकर संविधान का पाठ करवाए।

बात दरअसल यह है कि बेंगलुरु की आईपीएस अधिकारी डी रूपा पर प्रतिक्रया देते हुए एक्ट्रेस कंगना रनौत ने अपने ट्वीट में लिखा, आरक्षण के यही साइड इफेक्ट्स हैं. जब अयोग्य लोगों को पावर मिलती है, तब वो कुछ ठीक नहीं करते, केवल चोट पहुंचाते हैं. मुझे उनके व्यक्तिगत जीवन के बारे में कुछ पता नहीं है, लेकिन मैं गारंटी देती हूं कि उनकी कुंठा उनकी अक्षमता के कारण ही पैदा हो रही है।

कंगना के इस ट्वीट से आगबबूला हुए उदित राज ने ट्वीट करके कहा कि कंगना रनौत सांवैधानिक आरक्षण के खिलाफ हैं । इनको देश के संविधान से कष्ट है। सुप्रीम कोर्ट को स्वत: संज्ञान लेकर इस लङकी को 14 दिन जेल में डालकर संविधान पाठ करवाना चाहिये । दूसरा विकल्प किसी अच्छे पागलखाने में भर्ती कराने का है।

एक अन्य ट्वीट में उदित राज ने कंगना रनौत और उनकी माँ पर अभद्र टिप्पणी करते हुए लिखा, नाचने वाली कंगना रनौत का या तो डीएनए में गड़बड़ी है या भाजपा Y+ सेकूरिटी ( सिक्योरिटी ) देकर दलितों को अपमानित कर रही है। ये बिना बात के आरक्षण को गाली देती रहती है। भाजपा आरक्षण विरोधी नही है तो सुरक्षा वापिस ले & गिरफ़्तार कराए। इसे देखें।

IPS रूपा ने लोगों से सवाल किया कि दिवाली के पटाखों पर बैन लगने से लोगों को क्या दिक्कत है? ‘ट्रू इंडोलॉजी’ ने इसी मुद्दे पर तर्क करते हुए कहा कि भारत के प्राचीन शास्त्रों में भी पटाखों का उल्लेख किया गया है. इस ट्वीट पर रूपा ने कहा कि अगर उल्लेख है, तो उसका सबूत पेश करें. फिर जमकर वाद-विवाद हुआ. उसके बाद 18 नवंबर, 2020 को ‘ट्रू इंडोलॉजी’ का ट्विटर अकाउंट सस्पेंड हो गया. इसी पर कंगना ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी.