राजीव की पुण्यतिथि पर उद्धव ने दी थी श्रद्धांजलि, सोनिया-राहुल ने नहीं मनाई बाला साहेब की पुण्यतिथि!

शिवसेना संस्थापक और हिन्दू हृदय सम्राट बाला साहेब ठाकरे की आज पुण्यतिथि है, बाला साहेब की ये आठवीं पुण्यतिथि है, इस मौके पर उनके बेटे और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत उनके परिवार ने श्रद्धांजलि दी. बालासाहेब ठाकरे की पुण्‍यतिथि पर उनको श्रद्धांजलि देने के लिए लोग सुबह से ही मुंबई के शिवाजी पार्क में बालासाहेब ठाकरे स्‍मारक पर पहुंच लगे थे.

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, पत्नी और उनके बेटे आदित्य ठाकरे संजय राउत भी श्रद्धांजलि देने शिवाजी पार्क पहुंचे। हालाँकि कांग्रेस पार्टी ने बाल ठाकरे को श्रद्धांजलि नहीं दी.न राहुल गांधी ने स्व. बाल ठाकरे की तस्वीर पर फूल चढ़ाया और न ही सोनिया गांधी ने, जबकि कुछ दिन पहले ( 20 अगस्त, 2020 ) को राजीव गांधी की 19वीं पुण्यतिथि थी, इस मौके पर उद्धव ठाकरे ने राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी थी, उद्धव ठाकरे ने राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर उनकी तस्वीर पर माला पहनाकर श्रद्धांजलि अर्पित की. लेकिन कांग्रेस ने उनके पिता की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी.

थोड़ा इतिहास की ओर दृष्टि दौड़ाएंगे तो तो तस्वीर बिल्कुल सीसे की तरह साफ़ हो जायेगी, जी हाँ!. स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे और कांग्रेस की विचारधारा हमेशा से एक दूसरे की प्रतिद्वंदी रही. लेकिन इस सबकी परवाह न करते हुए उद्धव ठाकरे ने कुर्सी के लिए कांग्रेस से हाथ मिला लिया।

सोशल मीडिया पर बालासाहेब के कुछ पुराने वीडियो मौजूद हैं जिसमें वो कह रहे हैं कि मैं अपनी शिवसेना को कांग्रेस नहीं होने दूंगा, कभी नहीं होने दूंगा। अगर मुझे लगेगा कि शिवसेना कांग्रेस हो रही है तो मैं दुकान बंद ( पार्टी को ही समाप्त कर दूंगा ) कर दूंगा। हालांकि समय का चक्र ऐसा घूमा की शिवसेना आज कांग्रेस से गठबंधन करके महाराष्ट्र में सरकार चला रही है.

अगर बाल ठाकरे आज जिन्दा होते तो वो अपने इस बयान पर शर्मिंदा होते, क्यूंकि सत्ता के लालच के में उनका बेटा उद्धव ठाकरे न सिर्फ कांग्रेस से हाथ मिलाया बल्कि राजीव गांधी को श्रद्धांजलि भी दी, जो इससे पहले कभी नहीं हुआ था। आपको बता दें कि जब बाला साहेब ठाकरे ज़िंदा था तब उन्होनें कहा था कि सोनिया गांधी के चरणों में हिंजड़े झुकते है, इस बयान को भी नजरअंदाज करते हुए उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस से हाथ मिला लिया था और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन गए।