पीएम मोदी का वाराणसी LS से निर्वाचन रद्द कराने पहुंचे थे तेजबहादुर, सुप्रीम कोर्ट ने फटकारा

बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेजबहादुर यादव की याचिका पर बुधवार ( 18 नवंबर, 2020 ) को सुनवाई हुई. यह याचिका पीएम मोदी के वाराणसी से निर्वाचन को रद्द करने की गुजारिश को लेकर है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तेजबहादुर के वकील को फटकार भी लगाई. तेजबहादुर के वकील ने फिर सुनवाई टालने की मांग भी की. वह ऐसी मांग पहले भी कर चुके हैं, इसबार चीफ जस्टिस इसपर नाराज हो गए. कोर्ट ने कहा कि आप कई बार सुनवाई टाल चुके हैं. आप कोर्ट का अपमान कर रहे हैं। अदालत ने इस मामले में सुनवाई स्थगित न करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया है.

तेजबहादुर यादव ने पीएम मोदी के निर्वाचन को चुनौती देते हुए वाराणसी लोकसभा सीट पर दोबारा चुनाव की मांग की थी. बीएसएफ जवानों को दिए जाने वाले खाने की शिकायत करते हुए एक वीडियो सार्वजनिक करने वाले तेज बहादुर को अनुशासनहीनता के लिए नौकरी से बर्खास्त किया गया था।

तेजबहादुर ने 2019 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन भरा था. लेकिन निर्वाचन अधिकारी ने नामांकन पत्र में नौकरी से बर्खास्त होने की वजह सही न बताने के चलते उसे खारिज कर दिया था. तेजबहादुर ने पहले साल 2019 में इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां याचिका खारिज हो गई।