बग्गा ने बोला जोरदार हमला, कहा- हामिद अंसारी जैसे लोग देश के लिए खुद एक वायरस हैं

भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने एक बार फिर जहर उगला है, ये वही हामिद अंसारी हैं जो कई सालों तक भारत के उपराष्ट्रपति रहे उसके बावजूद इन्होनें कहा था कि भारत में डर लगता है। अब हामिद अंसारी ने कहा है कि कोरोना वायरस संकट से पहले ही भारतीय समाज दो अन्य महामारियों- धार्मिक कट्टरता और “आक्रामक राष्ट्रवाद” का शिकार हो चुका।

हामिद अंसारी के इस बयान के बाद भाजपा नेता तजिंदर बग्गा ने कहा है कि हामिद अंसारी जैसे लोग देश के लिए खुद एक वायरस हैं, हामिद अंसारी राष्ट्रवाद की तुलना क्रोना से करते है लेकिन कट्टर इस्लामिक संगठन PFI के उद्घाटन समारोह में जाते है. तजिंदर बग्गा ने अपने ट्विटर हैंडल से कुछ तस्वीरें ट्वीट की हैं जिसमें हामिद अंसारी पीएफआई के कार्यक्रम में नजर आ रहे हैं.

दिल्ली भाजपा प्रवक्ता तजिंदर बग्गा ने अपने ट्वीट में लिखा, हामिद अंसारी राष्ट्रवाद की तुलना क्रोना से करते है लेकिन कट्टर इस्लामिक संगठन PFI के उद्घाटन समारोह में जाते है । ये वही PFI है जिसके गुर्गे आतंकवादी घटनाओं में पकड़े जाते है, केरला में एक पादरी के हाथ काट देते है, बम बनाते है । हामिद अंसारी जैसे लोग देश के लिए खुद एक वायरस है.

एक अन्य ट्वीट में बग्गा ने लिखा, हामिद अंसारी को उस वायरस के बारे में भी बताना चहिये जिसने 800 साल इस देश को लूटा,लाखों हिन्दू-सिखों का धर्म परिवर्तन किया।गुरु तेग बहादुर जी,गुरु गोबिंद सिंह जी, 4 साहिबजादों की हत्या की। उस वायरस के बारे में भी बताना चाहिये जिसने कश्मीर से 5 लाख हिन्दू परिवारों को निकाला।

बता दें कि हामिद अंसारी ने कांग्रेस नेता शशि थरूर की पुस्तक ‘द बैटल ऑफ बिलॉन्गिंग’ के डिजिटल विमोचन के मौके पर कहा कि कोविड एक बहुत ही बुरी महामारी है, लेकिन इससे पहले ही हमारा समाज दो महामारियों- धार्मिक कट्टरता और आक्रामक राष्ट्रवाद का शिकार हो गया था। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक कट्टरता और उग्र राष्ट्रवाद के मुकाबले देशप्रेम ज्यादा सकारात्मक अवधारणा है।

 

 

 

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