बिहार: उपमुख्यमंत्री पद से हटाए जा सकते हैं सुशील मोदी, बीजेपी समर्थकों में ख़ुशी की लहर!

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के बाद अब सरकार गठन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, इस बीच खबर आ रही है कि सुशील कुमार मोदी से उपमुख्यमंत्री का पद छीना जा सकता है और कामेश्वर चौपाल बिहार के नए उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं, आपको बता दें कि राम मंदिर निर्माण में पहली ईंट कामेश्वर चौपाल ने ही रखी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनडीए के नेताओं की शुक्रवार को सीएम आवास 1 बजे अणे मार्ग पर बैठक हुई। इसी बीच पटना के राजनीतिक गलियारे में बीजेपी नेता कामेश्वर चौपाल को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा चलती रही। कामेश्वर चौपाल के पटना पहुंचने के बाद चर्चाओं को बल मिला है।

कामेश्वर चौपाल से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे संगठन अगर कोई दायित्व देता है तो मैं उससे भागूंगा नहीं। संगठन का काम है अगर झाड़ू लगाना तो वह भी मैं करूंगा। जो काम मिलता है उसे करुंगा। हमारे लिए राष्ट्र प्रथम है और व्यक्ति अंतिम बात है। कामेश्वर चौपाल बीजेपी के दलित नेता हैं। वह संघ के पुराने कार्यकर्ता भी हैं। कामेश्वर राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं। इससे बीजेपी का कोर हिंदुत्व वोट बैंक तो मजबूत होगा ही, वहीं इससे दलित लोगों के बीच भी बीजेपी की पैठ बढ़ सकती है।

सुशील मोदी तो हैं भाजपा के नेता लेकिन उनकी उपमुख्यमंत्री पद की कुर्सी छीने जानें की खबर सुनकर भाजपा समर्थकों में ख़ुशी की लहर है क्योंकि सुशील मोदी बिहार में भाजपा को मजबूत नहीं कर पाएं हैं, हद से ज्यादा सेकुलर हैं, इफ्तार पार्टी करना भी उनका शौक है. इसलिए भाजपा समर्थक चाहते हैं कि जब सुशील मोदी पार्टी के लिए मेहनत नहीं करते सिर्फ चाटुकारिता में विश्वाश करते हैं तो उन्हें क्यों उपमुख्यमंत्री बनाया जाय. भाजपा समर्थकों की गूँज लगता है अब आलाकामन के पास तक पहुँच गई है।