केजरीवाल ने लगाया पटाखों पर बैन तो भड़के रजत शर्मा, कहा- ये अन्याय है, पहले लाइसेंस दिया और अब..?

हिन्दुओं के त्यौहार दिवाली से ठीक पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने सभी तरह के पटाखों पर बैन लगा दिया है, केजरीवाल ने कहा कि बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति बदतर होती जा रही है। केजरीवाल के इस फैसले पर वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी कोई स्टडी नहीं है जिससे यह पता चला हो कि पटाखों से कितना प्रदुषण होता है.

इंडिया टीवी के चेयरमैन और वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने कहा कि पटाखे जलाने से कितना प्रदूषण होता है, ये किसी को नहीं मालूम, इसकी कोई स्टडी नहीं हुई है, उन्होनें कहा कि पटाखा बैन करने वाली सरकारों को पहले स्टडी करवाना चाहिए फिर फैसला लेना चाहिए। अचानक पटाखों पे बैन नहीं लगाना चाहिए।

रजत शर्मा ने कहा कि दिवाली आने वाली है सबको पता होता है, दिवाली के वक्त तापमान कम होता है. सर्दी बढ़ती है, पॉल्यूशन बढ़ता है, ये भी सबको पता है, फिर पटाखे बनाने वालों को और बेंचने वाले को लाइसेंस क्यों दिया गया. उन्होंने कहा कि दुकानदारों ने लाइसेंस लेकर लाखों रूपये का माल भर लिया तो पाबन्दी क्यों लगाई गई. दुकानदारों का हर्जाना कौन बढ़ेगा।

रजत शर्मा ने कहा कि क्या दुकानदार हमारे समाज का हिस्सा नहीं है, क्या उन्हें और उनके परिवार को दिवाली मनानें का हक़ नहीं है, 4 सालों से लगातार दुकानदारों के साथ ऐसा हो रहा है, आखिर उनका कसूर क्या है. केजरीवाल के फैसले पर सवाल उठाते हुए रजत शर्मा ने कहा कि पटाखा बैन करना अन्याय है.

आपको बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने लोगों से दिवाली पर पटाखे नहीं फोड़ने की अपील करते हुए कहा कि बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति बदतर होती जा रही है।ऐसे में अगर हम इस दिवाली पर पटाखे फोड़ते हैं, तो हम अपने बच्चों और परिवारों के साथ खेल रहे हैं।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए एक पटाखा विक्रेता ने कहा कि दिल्ली सरकार को पटाखों पर बैन लगाना ही था तो पहले बता देती और हमें लाइसेंस जारी न करती। हम कोई और काम कर लेते। हमने जो माल उठा रखा है जो बुकिंग कर रखी है वो तो वेस्ट हो गई। हमें कम से कम 15 लाख का नुकसान हो रहा है।