कथित किसान दिल्ली के बच्चों को भूख से तड़पाने की तैयारी कर रहे, केजरीवाल इन्हें सपोर्ट कर रहा है: प्रशांत पटेल, वकील

कृषि कानून का विरोध करने निकले पंजाब के किसान दिल्ली बॉर्डर के आसपास जमावड़ा लगाए हुए हैं, कुछ लोग इन किसानों का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ लोग विरोध कर रहे हैं, कुछ लोगों का यह भी मानना है कि सरकार को किसानों से बातचीत करके आंदोलन ख़त्म करवाना चाहिए। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया लेकिन किसानों ने बातचीत करने से इनकार कर दिया और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। किसानों के इस ऐलान के बाद सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल ने ट्वीट करके दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर निशाना साधा है, मालूम हो कि दिल्ली में प्रदर्शन करके के लिए अनुमति केजरीवाल ने ही किसानों को दी है.

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत पटेल ने अपने ट्वीट में लिखा, दिल्ली और दिल्ली बॉर्डर के आसपास बैठे अकाली और आप के कथित किसान कह रहे हैं कि हम बुराड़ी मैदान नहीं जाएंगे बल्कि हम दिल्ली को ब्लॉक कर देंगे जिससे दिल्ली के बच्चे भूख से तड़पे और मरें। दिल्ली वालों नें जिस शहरी नक्सली को चुना है वहीं इन्हें किचन और स्वास्थ्य सुविधाएं दे रहा है।

बता दें कि किसान नेताओं ने रविवार ( 29 नवंबर, 2020 ) को प्रेस-कॉन्फ्रेंस करके कहा था कि सरकार द्वारा बातचीत के लिए जो कंडीशन थी हम उसे किसान संगठनों का अपमान मानते हैं। अब हम बुराड़ी पार्क में बिलकुल नहीं जाएंगे। हमें पता चला है कि वो पार्क नहीं ओपन ज़ेल है। हम ओपन ज़ेल में जाने की बजाय 5 मेन मार्ग जाम कर दिल्ली की घेराबंदी करेंगे।

आंदोलनकारी किसान अब दिल्ली के पांच प्रमुख एंट्री पॉइंट को बंद करने की तैयारी में हैं, अगर किसानों ने दिल्ली के 5 प्रमुख इंट्री पॉइंट को ब्लॉक किया तो इसका सीधा असर दिल्ली में रहने वालों लोगों पर पड़ने वाला है। ऐसा इसलिए क्योंकि दिल्ली में खाने-पीने की अधिकतर चीजे (दुध, फल, सब्जी आदि) बाहर से आती हैं। ऐसे में दिल्ली वासियों के लिए समस्या पैदा हो सकती है। दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने किसानों को न सिर्फ दिल्ली में प्रदर्शन करने की अनुमति दी है बल्कि उन्हें राशन पानी भी मुहैया करवा रही है.