शबाना को खरोंच आने पर व्यथित हो गए थे PM मोदी, अर्णब को जूतों से पीटा जा रहा एक भी ट्वीट नहीं किये

बात जनवरी 2020 की है जब जावेद अख्तर की बीबी शबाना आजमी का एक्सीडेंट हो गया था, एक्सीडेंट में उन्हें मामूली चोटें आई थी, लेकिन उस समय भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके एक्सीडेंट को लेकर बहुत व्यथित हो गए थे और तत्काल ट्वीट कर दुःख जताया था, आज देश के सबसे बड़े न्यूज़ नेटवर्क रिपब्लिक के एडिटर-इन-चीफ-चीफ अर्नब गोस्वामी को जूतों से पीटा जा रहा रहा है, उनपर पुलिसिया अत्याचार हो रहा है, फिर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यथित नहीं हो रहे हैं, शायद इसी वजह से वो ट्वीट भी नहीं कर रहे हैं।

एक बात साफ कर दें कि अर्नब गोस्वामी का झुकाव उसी तरफ है, जिस तरफ भाजपा का है यानि राष्ट्रवाद। इसके बावजूद अर्नब के लिए पीएम मोदी एक भी ट्वीट नहीं कर रहे हैं. जबकि शबाना आजमी और इनके शौहर हमेशा मौजूदा मोदी सरकार के खिलाफ जहर उगलते रहते हैं फिर भी उनको कोई खंरोच भी आती है तो मोदी जी व्यथित हो जाते हैं. शायद यही वजह है कि भाजपा को 6 साल सरकार चलाते हो गया फिर भी दक्षिणपंथी लोग संघर्ष कर रहे हैं, अपनी जमीन तलाश रहे हैं.

मालूम हो कि एक बंद पुराने केस में मुंबई पुलिस ने वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी को बुधवार ( 4 नवंबर, 2020 ) को गिरफ्तार कर लिया, अर्नब ने पालघर में साधुओं की ह्त्या पर और सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामलें पर महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार को बेनकाब करके रख दिया। यही से सरकार ने उन्हें फंसाने की ठान ली, आख़िरकार उन्हें सफलता मिल गई और अर्नब को गिरफ्तार करवा लिया। अर्नब को मुंबई पुलिस ने फेक टीआरपी मामलें में भी फंसाने की कोशिश की थी लेकिन एक भी सबूत नहीं मिला था।

अर्नब गोस्वामी को रविवार ( 8 नवंबर, 2020 ) को अलीबाग क्वारंटाइन सेंटर से तलोजा जेल शिफ्ट किया गया, अर्नब के वकील ने बॉम्बे हाईcourt में बताया की पुलिस द्वारा उनको जूतों से पीटा गया। तलोजा जेल शिफ्ट करने पर अर्नब ने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई है, तलोजा जेल खूंखार गैंग्स, आतंकवादियों और अपराधियों से भरा हुआ है, इसी जेल में आतंकवादी दाऊद इब्राहिम के भी गुर्गे मौजूद है और इसी जेल में कई और बड़े गैंगस्टर्स भी मौजूद है। अर्नब के मदद मांगनें के बावजूद अबतक अबतक न तो सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया और न ही केंद्र सरकार ने कोई ठोस कदम उठाया। जिस दिन अर्नब को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था उस दिन पीएम मोदी को छोड़कर सभी बड़े भाजपा नेताओं, केंद्रीय और मुख्यमंत्रियों ने अर्नब के पक्ष में ट्वीट किया था, उसके बाद सब खामोश हो गए हैं।