CM नीतीश कुमार के शपथग्रहण समारोह में नहीं शामिल होंगे तेजस्वी, अभी नहीं भुला पाए हैं हार का गम

बिहार विधानसभा में मिली जीत के बाद जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार आज सातवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, शपथग्रहण समारोह में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव शामिल नहीं होंगे। राजद ने शपथ ग्रहण का बायकॉट करने का ऐलान किया है, माना जा रहा है कि तेजस्वी यादव अभी हार का गम भुला नहीं पाए हैं। तेजस्वी यादव को उस समय दोहरा झटका लगा जब चुनाव से पहले आये न्यूज़ चैनलों के एग्जिट पोल ने उन्हें बिहार का मुख्यमंत्री घोषित कर दिया लेकिन जब वास्तविक नतीजे आये तो सीएम बनने का तेजस्वी का सपना चकनाचूर हो गया। क्योंकि महागठबंधन हार गया और एनडीए एक बार फिर बिहार चुनाव जीत लिया।

सीएम नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण को लेकर आरजेडी ने ट्वीट किया है, आरजेडी ने अपने ट्वीट में लिखा, राजद शपथ ग्रहण का बायकॉट करती है। बदलाव का जनादेश NDA के विरुद्ध है। जनादेश को ‘शासनादेश’ से बदल दिया गया। बिहार के बेरोजगारों,किसानो,संविदाकर्मियों, नियोजित शिक्षकों से पूछे कि उनपर क्या गुजर रही है। NDA के फर्ज़ीवाड़े से जनता आक्रोशित है। हम जनप्रतिनिधि है और जनता के साथ खड़े है।

एक दूसरे ट्वीट में आरजेडी ने लिखा, बिहार में दो मजबूरों की मजबूर सरकार बन रही है! एक शक्तिविहीन, शिथिल और भ्रष्ट प्रमाणित हो चुके मजबूर CM! दूसरा चेहराविहीन और तन्त्र प्रपन्च को मजबूर वरिष्ठ घटक दल! इनकी मजबूरी हैं- राजद का जनाधार! और तेजस्वी यादव को अपना सर्वाधिक प्रिय नेता स्वीकार कर चुका बिहार!

तीसरे ट्वीट में आरजेडी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए लिखा, तीसरे दर्जे की पार्टी होने और थकने के कारण मैं मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहता था लेकिन BJP के कई वरिष्ठ नेताओं ने मेरे पैर पकड़ लिए,रोने लगे,गिड़गिड़ाने लगे। मैं ठहरा कोमल हृदय का कुर्सीवादी अंतर्यामी भिक्षुक, उन लोगों के आग्रह ने मेरे हृदय को पिघला दिया। मैं उन्हें नाराज कैसे करता? गौरतलब है कि इस बार नीतीश भले ही सीएम बन रहे हों लेकिन जदयू का प्रदर्शन बिहार चुनाव में सही नहीं रहा है, जिसकी वजह से वो काफी निराश हैं।