NGT ने दिल्ली में 30 नवंबर तक बैन किये पटाखे,..पटाखा व्यापारियों का होगा बहुत नुकसान

राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली-एनसीआर में नौ नवंबर से 30 नवंबर तक पटाखा जलाने पर संपूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि अवैध रूप से पटाखा बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें।

ऐसे में दिवाली से पहले पटाखों की बिक्री और उनके जलाने पर राज्यों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों से व्यापार से जुड़े लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। तमिलनाडु के शिवाकाशी में इसको लेकर गंभीर चिंता है क्योंकि देश में बिकने वाले 80 फीसदी पटाखे शिवाकाशी में ही बनते हैं। अमर उजाला के मुताबिक, पटाखा कारोबार से करीब पांच लाख लोगों को रोजगार मिलता है।

ऑल इंडिया फायरवर्क्स एसोसिएशन के मुताबिक शिवाकाशी में 1070 कंपनियां रजिस्टर्ड हैं। अकेले शिवाकाशी में ही गतवर्ष में 6000 करोड़ का कारोबार हुआ था। जबकि देश में पटाखे का लगभग 9000 करोड़ का कारोबार है। शिवाकाशी में पटाखा कारोबार से प्रत्यक्ष रूप से तीन लाख लोग जुड़े हैं। जबकि कुल पांच लाख लोगों को इससे रोजगार मिलता है। पटाखा बैन होने से इन सबको भारी नुकसान होगा।

व्यापारियों का कहना है कि सबको पता है कि दिवाली आती है और पटाखे जलाये जाते हैं, सरकारें पटाखे बनाने और बेंचने का लाइसेंस दे देती हैं लेकिन बाद में पटाखे ही बैन कर देती हैं. दिल्ली के कुछ व्यापारियों ने कहा है कि हम लोग दिवाली पर बेंचने के लिए लाखों रूपये के पटाखे खरीद लिए हैं, अब हम लोग कर्ज में डूब जाएंगे। क्योंकि पटाखों पर बैन लग गया है।