कृषि कानून: ग्रामीण क्षेत्रों में करोड़ों लोगों को मिल सकेगा रोजगार, विरोधियों को नहीं हो रहा हजम

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फरीदाबाद, 28 नवंबर: कृषि कानून को लेकर कुछ लोग विरोध कर रहे हैं हालाँकि अधिकतर भाजपा शासित राज्यों में कोई प्रदर्शन नहीं हो रहा है, कांग्रेस शासित पंजाब के किसान ही इस कानून को लेकर बवाल कर रहे हैं, अधिकतर मोदी विरोधियों ने किसानों का भेष धारण करके दिल्ली को घेरने का मन बना लिया है.

वैसे कृषि कानून मोदी सरकार की दूरदर्शी सोच है जो ग्रामीण क्षेत्रों में करोड़ों लोगों को रोजगार देगा और कृषि क्षेत्र भी भारत की आर्थिक मजबूती का आधार बनेगा।

कृषि कानून से प्राइवेट निवेश को बढ़ावा मिलेगा, हजारों मंडियां खुलेंगीं, किसानों की फसल उनके खेत से ही खरीद ली जाएगी जिसकी वजह से किसानों मंडी तक फसल ट्रांसपोर्ट करने का खर्चा बचेगा, रास्ते का पैसा भी बचेगा और किसानों की आय में इजाफा होगा।

प्राइवेट इन्वेस्टर ग्रामीण क्षेत्रों में मड़ियाँ खोलेंगे जहाँ पर हर मंडी में सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा, लोगों को फील्ड जॉब भी मिलेगी और लोग किसानों के घर जाकर उनकी फसलों की डील करेगी, सर्वे करने वालों को जॉब मिलेगी, खरीद करने वालों को भी जॉब मिलेगी, फसल ट्रांसपोर्ट करने वालों को भी जॉब मिलेगी, मंडी में चौकीदारों को जॉब मिलेगी, कई जगह फ़ूड प्रोसेसिंग और पैकेजिंग कम्पनियाँ, फैक्ट्रियां खुलेंगी जहाँ पर लोगों को रोजगार मिलेगा।

पहले लाखों किसान अपने खेतों में फसल नहीं बोते थे क्योंकि फसल पैदा करने के बाद उसे मंडियों में बेचने में बहुत झंझट होती थी, फालतू का खर्चा होता था लेकिन स्थानीय मंडियां खुलने के बाद प्राइवेट इन्वेस्टर खुद किसानों के खेतों में पहुंचकर उनकी उपज की डील करेंगे और अपनी गाडी में भरकर उनकी फसल खुद ही ले जाएंगे, इससे किसानों की परेशानी ख़त्म होगी, फालतू का खर्चा घटेगा और मुनाफ़ा बढ़ेगा।

कुल मिलाकर कहें तो नए कृषि कानून से किसानी को बढ़ावा मिलेगा, खेत बंजर नहीं छोड़े जाएंगे, हर खेत में फसल दिखेगी और हर गाँव में खरीदार खुद फसल खरीदने पहुंचेगें।

क्यों हो रहा है कृषि कानून का विरोध

कृषि कानून का विरोध करने वाले अधिकतर मोदी विरोधी हैं, इन्हें पता है कि जब कृषि कानून से कृषि को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार पैसा होंगे, किसानों का मुनाफ़ा बढ़ेगा तो 2024 लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार की फिर से वापसी होगी, इसीलिए इस कानून को वापस लेने की मांग की जा रही है और पंजाब के सिख किसानों को मोहरा बनाकर आगे किया जा रहा है. भाजपा शासित किसी भी राज्य में विरोध नहीं हो रहा है क्योंकि वहां पर MSP पर किसानों की उपज खरीदी जा रही है, पंजाब की कांग्रेस सरकार जान बूझकर किसानों की उपज MSP पर नहीं खरीद रही है और इसका इल्जाम मोदी सरकार पर लगाकर किसानों को भड़का रही है और कुछ लोगों को दिल्ली भेजकर बवाल कराया जा रहा है.