PM मोदी ने बताया कृषि कानून का लाभ, किसानों का होगा कायाकल्प, दलालों-मुफ्तखोरों का खेल ख़त्म

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नई दिल्ली: कृषि कानूनी के खिलाफ कुछ लोग भ्रम फैला रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानून के लाभ बताये हैं, उन्होंने कहा कि कुछ लोग भ्रम फैलाकर किसानों को आशंकित कर रहे हैं और उसी आशंका को आधार बनाकर विरोध किया जा रहा है, सच ये है कि कृषि कानून ऐतिहासिक है और किसानों की जिंदगी में बदलाव लाएगा।

उन्होंने कहा क़ि मंडी की व्यवस्था ख़त्म होने का भ्रम फैलाया जा रहा है लेकिन खत्म नहीं होगी क्योंकि हमने मंडी की व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए बहुत खर्चा किया है.

उन्होंने कहा क़ि MSP की व्यवस्था ख़त्म होने का भ्रम फैलाया जा रहा है जबकि MSP की व्यवस्था जारी रहेगी क्योंकि अगर हमें MSP ख़त्म करना होता तो हम स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू ही क्यों करते, हमने पिछले पांच वर्षों में तीन लाख करोड़ रुपये MSP के लिए किसानों को दिया है, कांग्रेस सरकार ने पांच साल में सिर्फ डेढ़ लाख करोड़ रुपये किसानों को MSP पर दिया है.

उन्होंने बताया क़ि नए कृषि कानून से किसानों को अपनी फसल खेत में ही बेचने की वैकल्पिक व्यवस्था मिलेगी, खरीदार लोग किसानों के खेत में ही फसल खरीदने पहुँच जाएंगे और किसानों को अधिक मुनाफ़ा भी मिलेगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसानों को फसल बेचने के लिए मंडी में जाना पड़ता है, किराए पर वाहन लेना पड़ता है और ट्रांसपोर्ट का अतिरिक्त खर्चा करना पड़ता है, अगर दाम अच्छे नहीं मिलते तो आने पौने दाम में फसल बेचकर वापस लौटना पड़ता है लेकिन नए कृषि कानून के बाद प्राइवेट कम्पनियाँ अपनी मंडी बनाएंगी और कई लोग किसानों की फसल खरीदने खुद खेतों में पहुँच जाएंगे और अपने वाहन से किसानों की फसल ले जाएंगे। ऐसे में किसानों का ट्रांसपोर्ट का खर्चा भी बचेगा और समय भी बचेगा।

नए कृषि कानून से आढ़तियों और दलालों का किसानों को ब्लैकमेल करने का खेल बंद हो जाएगा क्योंकि जब निवेशक किसानों के खेत में ही फसल उठा लेंगे तो आढ़तियों के पास कम लोग आएँगे, ये लोग किसानों की फसल कम दामों में खरीदकर उसपर बैठे बिठाए काफी अधिक मुनाफा कमाते हैं इसलिए ये लोग परेशान हैं और कृषि कानून का विरोध कर रहे हैं.