पुलिस ने अर्नब को जूते से मारा, पानी तक नहीं पीने दिया, अर्नब के वकील ने बॉम्बे HC को बताया

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी की जमानत याचिका पर आज सुनवाई चल रही है, अर्नब के वकील ने आज कोर्ट में सप्लीमेंट्री एप्लिकेशन लगाई। अर्नब के वकील ने दावा किया है कि पुलिस ने अर्नब जूते से मारा। पानी तक नहीं पीने दिया। हाथ में 6 इंच गहरा घाव। रीढ़ की हड्डी और नस में चोट होनें का दावा भी किया। उनका कहना है कि पुलिस ने गिरफ्तारी के वक्त जूते पहनने तक का समय नहीं दिया।

अर्नब को मुंबई के इंटीरियर डिजाइनर अन्वय और उनकी मां को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में बुधवार को गिरफ्तार किया गया था। वे 18 नवंबर तक ज्यूडिशियल कस्टडी में हैं। कोरोना के खतरे को देखते हुए जमानत अर्जी पर फैसले से पहले उन्हें जेल नहीं भेजा गया। पिछली 3 रातों में उन्हें अलीबाग के एक स्कूल में बने कोविड सेंटर में रखा गया था।

मुंबई पुलिस की रायगढ़ यूनिट ने अर्नब गोस्वामी को बहुत बर्बरतापूर्व तरीके से गिरफ्तार किया, उसका वीडियो आप सब ने इंटरनेट पर देखा होगा। अर्नब की गिरफ़्तारी से देशभर में गुस्सा है।

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी को मुंबई पुलिस ने बुधवार ( 4 नवम्बर, 2020 ) को सुबह लगभग साढ़े 6 बजे उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। आत्महत्या के लिए उकसाने के दो साल पुराने बंद केस में अर्नब की गिरफ़्तारी हुई। अर्नब गोस्वामी को महाराष्ट्र सरकार ने ऑपरेशन अर्नब अर्नब के तहत गिरफ्तार करवाया। इसके लिए बाकायदा 40 सदस्यों की टीम बनी थी।

संजय मोहिते ने अर्नब को गिरफ्तार करने की योजना का मसौदा तैयार किया, जबकि इसे अंजाम देने की जिम्मेदारी हाई-प्रोफाइल एनकाउंटर स्पेशलिस्ट सचिन वेज को सौंपी गई।