क्या, बिहारियों को नहीं हो रहा CO-RO-NA, इसलिए लाखों की भीड़ जुटा रही राजनीतिक पार्टियाँ

बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान राजनैतिक पार्टियाँ अपनी रैलियों में लाखों की भीड़ जुटा रही हैं, चाहे आरजेडी नेता तेजस्वी यादव हों या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सबकी रैलियों में ताबड़तोड़ लाखों की संख्या में भीड़ जुट रही है, रैलियों में आने वाली भीड़ न सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करती है और न ही किसी के मुंह पर मॉस्क होता है। ऐसे में अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या? बिहार वालों को कोरोना नहीं होता है, अगर होता तो अबतक बिहार में सबसे ज्यादा कोरोना मरीज निकलते।

अक्सर देखा जा रहा है कि जिस राज्य में चुनाव नहीं है वहां पुलिस लोगों को छोटे-मोटे प्रदर्शन भी नहीं करने दे रही है और जहाँ चुनाव है वहां ताबड़तोड़ भीड़ जुट रही है।

कुछ रैलियों की वीडियो फुटेज से दिखाई दे रहा है कि लोगों में नेताओं की एक झलक पाने के लिए भगदड़ जैसे हालात बन रहे हैं. इन रैलियों में शामिल हो रही भीड़ में शायद ही कोई मास्क पहनता दिख रहा है।

गौरतलब है कि बीजेपी के अगुवाई वाला गठबंधन एक बार फिर सत्ता में आने की कोशिश कर रहा है. दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), कांग्रेस और वामदलों का गठबंधन है. इसके अलावा कुछ क्षेत्रीय पार्टियां भी चुनाव मैदान में हैं. बिहार में दो चरण का मतदान हो चुका है, तीसरे एवं अंतिम चरण का मतदान, 7 नवंबर को होगा, 10 नवंबर को चुनाव के नतीजे आएंगे।