भ्रस्टाचार के आरोपी को नीतीश कुमार ने बनाया शिक्षा मंत्री, मचा बवाल!

बिहार में मंगलवार को नवगठित मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा कर दिया गया, सबसे ज्यादा चर्चा मेवालाल चौधरी की हो रही है। मेवालाल चौधरी को शिक्षा विभाग का कार्यभार दिया गया है। मेवालाल चौधरी पर वीसी रहते भर्ती घोटाले का आरोप लगा था। मेवालाल चौधरी पर कृषि विश्वविद्यालय,सबौर, भागलपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर कम जूनियर साइंटिस्ट के पद की बहाली में घोटाले और धांधली करने का आरोप लगा था।

आरजेडी ने मेवालाल चौधरी को लेकर नीतीश सरकार पर हमला बोला है। मंगलवार को आरजेडी की ओर से ट्वीट किया गया, जिसमें लिखा है कि जिस भ्रष्टाचारी जेडीयू विधायक को सुशील मोदी खोज रहे थे उसे नीतीश कुमार ने मंत्री पद से नवाज़ा।

तारापुर के विधायक डॉ मेवालाल चौधरी राजनीति में आने से पहले वर्ष 2015 तक वे भागलपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति थे। वर्ष 2015 में सेवानिवृत्ति के बाद राजनीति में आए। इसके बाद जदयू से टिकट लेकर तारापुर से चुनाव लड़े और जीत गए। लेकिन चुनाव जीतने के बाद डॉ चौधरी नियुक्ति घोटाले में आरोपित किए गए। कृषि विश्वविद्यालय में नियुक्ति घोटाले का मामला सबौर थाने में वर्ष 2017 में दर्ज किया गया था। इस मामले में विधायक ने कोर्ट से अंतरिम जमानत ले ली थी।