25000 करोड़ के रोशनी घोटाले में आया महबूबा मुफ्ती का नाम, PDP दफ्तर पर चल सकता है बुल्डोजर!

कश्मीर में 25000 करोड़ के रोशनी ज़मीन घोटाले में जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ रही है. वैसे-वैसे बड़ा खुलासा हो रहा है, अब इस घोटाले में जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का भी नाम आया है. 25000 करोड़ का रोशनी घोटाला जम्मू कश्मीर के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है.

गरीबों को शासित जमीन मुहैया कराने और प्रदेश में बिजली लाने के लिए जिस कानून को बनाया गया था, जम्मू कश्मीर के नेताओं ने उसका जम कर फायदा उठाया और अकूत धन-संपत्ति अर्जित की। जबकि जनता गरीब ही बनी रही। इस घोटाले की जाँच CBI कर रही है.

अभी तक के जाँच में कई खुलासे हुए हैं और इन सब के तार जम्मू कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों से जुड़ रहे हैं, जिनमें से एक फारूक अब्दुल्लाह का नाम पहले ही सामने आ चुका है। अब पता चला है कि महबूबा मुफ्ती की पार्टी PDP ने जम्मू के संजवान क्षेत्र में तीन कनाल सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्ज़ा जमा लिया। इसके बाद इस जमीन पर पार्टी के दफ्तर का निर्माण कराया गया। अब घोटाले में नाम सामनें आने के बाद हो अटकलें लगाई जा रही है कि पीडीपी दफ्तर पर सरकारी बुलडोजर चल सकता है ताकि जमीन कब्जे से मुक्त कराइ जा सके.

आपको बता दें कि कश्मीर में 25000 करोड़ के रोशनी ज़मीन घोटाले की जांच CBI ने शुरू कर दी है। जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने रोशनी एक्ट को असंवैधानिक बताते हुए इसके तहत बाँटी गई सभी जमीनों का नामांतरण रद्द करने और 6 महीने में जमीनें वापस लेने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने ही एक्ट की आड़ में हुए घोटाले की जाँच CBI को सौंपी थी।

वर्ष 2001 में तत्‍कालीन फारूक अब्दुल्ला सरकार ने जम्‍मू-कश्‍मीर में रोशनी एक्ट लागू किया था। इस योजना के तहत 1990 से हुए अतिक्रमण को इस एक्ट के दायरे में कट ऑफ सेट किया गया था। सरकार का कहना था कि इसका सीधा फायदा उन किसानों को मिलेगा जो सरकारी जमीन पर कई सालों से खेती कर रहे है। लेकिन नेताओं ने जमीनों पर कब्जे जमाने का काम शुरू कर दिया।