फुस्स हुआ सेकुलरिज्म: हनुमान चालीसा पढ़ने की इजाजत देने वाले मौलाना को मस्जिद से निकाला गया

हाल ही में दो मुसलमानों फैजल खान और मोहम्मद चाँद ने मथुरा के नंदगांव में स्थित नंदबाबा मंदिर में धोखे से नवाज पढ़ी थी, इसके बाद तस्वीर को सोशल मीडिया पर डाल दिया, सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल होनें के बाद एक तरफ हिन्दुओं ने जहाँ इसका कड़ा विरोध किया तो वहीँ लिबरलों ने इसे सेकुलरिज्म करार दिया।

इस सेकुलरिज्म का पालन करते हुए यूपी के बागपत में एक हिन्दू युवक मस्जिद में हनुमान चालीसा और गायत्री मंत्र पढ़ने चला गया, मस्जिद के मौलाना ने दिखावे के लिए मस्जिद में हनुमान चालीसा और गायत्री मन्त्र की इज़ाज़त दे दी, हालाँकि मौलाना का ये प्लान फेल हो गया और उन्हें मस्जिद से निकाल दिया गया, इस तरह से सारा सेकुलरिज्म फुस्स हो गया।

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के विनयपुर गाँव में एक मस्जिद है जहाँ मौलाना अली हसन ने मस्जिद में हनुमान चालीसा की इज़ाज़त दे दी, लोगो ने मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ भी किया पर इसे देखकर स्थानीय मुसलमान भड़क उठे. मुसलमानो ने अब मौलाना अली हसन को ही मस्जिद से निकाल दिया और साफ़ कर दिया की मस्जिद में कोई सेकुलरिज्म नहीं चलेगा।

बताया जा रहा है कि मौलाना के समर्थन में हिंदू समाज के लोग पंचायत करने की तैयारी कर रहे हैं। मंगलवार को मस्जिद में मौलाना अली हसन से इजाजत लेने के बाद भाईचारे के लिए मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ किया। उन्होंने गायत्री मंत्र का जाप भी किया। मौलाना अली हसन ने मनुपाल बंसल को इसकी इजाजत दी थी। गोपनीय तरीके से बैठक हुई और मौलाना को मस्जिद से निकाल दिया गया। मौलाना गाजियाबाना के लोनी में चला गया है।