अर्नब की गिरफ्तारी पर महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने पुलिस को भेजा नोटिस!

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी को मुंबई पुलिस ने बुधवार ( 4 नवम्बर, 2020 ) को सुबह लगभग साढ़े 6 बजे उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। आत्महत्या के लिए उकसाने के दो साल पुराने बंद केस में अर्नब की गिरफ़्तारी हुई। जिस बर्बरतापूर्व तरीके से मुंबई पुलिस ने अर्नब को अरेस्ट किया उसका देशभर में विरोध हो रहा है।

महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने एसपी रायगढ़ को नोटिस भेजकर पेश होने को कहा था, बताते चलें की अर्नब को गिरफ्तार करने के लिए मुंबई पुलिस की रायगढ़ पुलिस गई थी, जिस तरह मुंबई पुलिस ने अर्नब के साथ आतंकी जैसा सलूक किया उससे मानवाधिकार आयोग नाराज है, इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन माना है. महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक को नोटिस भेजकर 6 नवम्बर, 2020 को सुबह 11 बजे पेश होनें का आदेश दिया है.

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के संपादक को गिरफ्तार करने के बाद मुंबई पुलिस उन्हें अलीबाग कोर्ट में पेश करने ले गई. पुलिस ने अदालत से अर्नब की रिमांड मांगी लेकिन कोर्ट ने पुलिस की मांग को खारिज करते हुए अर्नब को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

मुंबई पुलिस ने यह कहते हुए अदालत से रिमांड मांगी की उन्हें अर्नब से पूछताछ करना है कुछ नए सबूत हाथ लगे हैं, अदालत ने कहा कि हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत नहीं है। साथ ही, अर्णब को जल्द ही जमानत मिलने की भी सम्भावना है। मालूम हो कि मुंबई पुलिस ने वरिष्ठ पत्रकार अर्णब गोस्वामी को 2018 के एक पुराने ‘बंद मामले’ में गिरफ्तार किया था। आधी रात में चली सुनवाई के बाद अलीबाग न्यायालय ने रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब अर्नब से पूछताछ नहीं कर पायेगी।