सरकार से नहीं करेंगे बातचीत, किसानों ने रोड जाम कर दिल्ली की घेराबंदी करने का किया ऐलान!

कृषि कानून का विरोध कर रहे पंजाब के किसानों ने केंद्र सरकार से बातचीत करने से इनकार कर दिया है, साथ ही रोड जाम करके दिल्ली का घेराव करने का भी ऐलान कर दिया है। इस बाबत रविवार ( 29 नवंबर, 2020 ) को किसान संगठन बीकेयू क्रांतिकारी (पंजाब) ने सिंघु बॉर्डर पर प्रेस-कॉन्फ्रेंस की।

बीकेयू क्रांतिकारी (पंजाब) के राज्य अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल ने कहा, ‘बातचीत के लिए सामने रखी गई शर्त किसानों का अपमान है। हम कभी बुराड़ी (दिल्ली) नहीं जाएँगे। यह एक पार्क नहीं बल्कि एक खुली जेल है।’

राज्य अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल ने कहा, सरकार द्वारा बातचीत के लिए जो कंडीशन थी हम उसे किसान संगठनों का अपमान मानते हैं। अब हम बुराड़ी पार्क में बिलकुल नहीं जाएंगे। हमें पता चला है कि वो पार्क नहीं ओपन ज़ेल है। हम ओपन ज़ेल में जाने की बजाय 5 मेन मार्ग जाम कर दिल्ली की घेराबंदी करेंगे।

आपको बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार ( 28 नवंबर, 2020 ) को कहा था कि भारत सरकार किसानों से खुली चर्चा करने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने बुराड़ी में किसानों के ठहरने की व्यवस्था की है. सभी किसान वहां एकत्रित हो जाएँ फिर हम बातचीत करेंगे और उनकी हर मांगों पर विचार करेंगे। हालाँकि किसानों ने अमित शाह के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है.

किसानों द्वारा बातचीत का प्रस्ताव ठुकराए जानें के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि भारत सरकार किसानों से तीन दौर की वार्ता कर चुकी है, चौथी बार तीन दिसंबर को मिलने का प्रस्ताव दिया था। सरकार हर स्तर पर खुले मन से बातचीत करने को तैयार है पर किसान यूनियन को बातचीत का माहौल बनाना चाहिए। उन्हें आंदोलन का रास्ता छोड़ चर्चा का रास्ता अपनाना चाहिए।

अब बड़ा सवाल यह उठता है कि जब केंद्र सरकार किसानों से बातचीत करने के लिए तैयार है तो किसान बातचीत क्यों नहीं कर रहे हैं. आपको बता दें कि पंजाब के किसान 4-6 महीनें का राशन पानी साथ लेकर निकले हैं. शायद इसीलिए दिल्ली की घेराबंदी करने का प्लान बना रहे हैं, वरना बातचीत के लिए तैयार हो जाते।

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