हिन्दू विरोधी हो गई है केजरीवाल सरकार, पहले दिवाली पर पटाखे बैन किया, अब छठ पूजा को बैन किया

भारत को एक धर्मनिरपेक्ष देश कहा जाता है, लेकिन ये धर्मनिरपेक्षता सिर्फ हिन्दुओं पर लागू होती है..बात जब मुस्लिमों की आती है तो सारी धर्मनिरपेक्षता धरी की धरी रह जाती है.! दरअसल हिन्दुओं का जब भी कोई त्यौहार होता है खासकर दिवाली तब तमाम सेलिब्रिटी, राज्य सरकारें ज्ञान बांटने आ जाते है कि पटाखे मत फोड़ो नहीं तो पॉल्यूशन फैलेगा।

दिवाली पर पटाखा वगैरा बैन करने में दिल्ली की अरविन्द केजरीवाल सरकार सबसे आगे रहती है, ऐसा लगता है की केजरीवाल सरकार हिन्दू विरोधी हो गई है, पहले पटाखा बैन किया, अब छठ पूजा पर भी बैन लगा दिया है.

केजरीवाल सरकार ने छठ पूजा को लेकर दिशा-निर्देश दिए हैं. सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि इस बार दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा मनाने की छूट नहीं होगी. दिल्ली सरकार (Delhi Govt) ने सभी डीएम और पुलिस के सभी डीडीसी को पत्र लिखकर कहा है कि यह सुनिश्‍चित कराएं कि पब्‍लिक प्‍लेस पर छठ पूजा नहीं हो. हालांकि सरकार ने घरों या निजी स्थलों पर पूजा करने की छूट दी है. कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण सरकार ने लोगों के जमावड़े पर रोक लगाने के लिए यह कदम उठाया है.

इस साल 18 से 21 नवंबर के बीच मनाया जाएगा. 18 नवंबर को नहाय खाय के साथ छठ पूजा की शुरुआत होगी। 21 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद महापर्व का समापन होगा।