झारखंड: घाटों पर नहीं कर पाएंगे छठ पूजा, कांग्रेस समर्थित हेमंत सोरेन सरकार ने जारी किया फरमान

18 नवंबर, 2020 से चार दिवसीय छठ महापर्व की शुरुवात हो रही है, 18 नवंबर को नहाय-खाय और 19 नवंबर को खरना है. 20 नवंबर को पहला अर्घ्य और 21 नवंबर को दूसरा अर्घ्य है. झारखंड की कांग्रेस समर्थित हेमंत सोरेन सरकार ने कोरोना का हवाले देते हुए इस बार तालाबों और नदियों के किनारे छठ महापर्व के आयोजन पर रोक लगा दी है।

इसे लेकर सरकार ने रविवार रात दिशा-निर्देश जारी किया है. इसमें कहा गया है कि छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं के लिए नदियों व तालाबों में केंद्र सरकार के निर्देशों और सोशल डिस्टेंसिंग (दो गज दूरी) का पालन संभव नहीं है। ऐसे में लोगों को अपने घरों में ही इस बार छठ महापर्व का आयोजन करना होगा।

सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि इस बार छठ महापर्व के दौरान किसी भी नदी, लेक, डैम या तालाब के छठ घाट पर किसी तरह के कार्यक्रम के आयोजन की मनाही होगी. छठ घाट के समीप कोई दुकान, स्टॉल आदि नहीं लगेगा।

अधिकारियों का कहना है कि छठ महापर्व के दौरान नदी, तालाब, डैम, लेक आदि में स्नान करनेवाले श्रद्धालुओं के लिए मास्क पहनना संभव नहीं है. वहीं, दो गज दूरी का पालन भी नहीं हो पायेगा, क्योंकि इस पर्व में एक जगह पर एक से ज्यादा परिवार के लोग शामिल होते हैं. ऐसे में कोरोना का संक्रमण फैैल सकता है। बेहतर होगा कि लोग अपने घरों में ही यह महापर्व मनायें।