एक्शन में हैं फ़्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, लिया एक और बड़ा फैसला, बढ़ सकती है मुस्लिमों की दिक्कतें

मुस्लिमों द्वारा फ़्रांस में किये गए हमले के बाद अब फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कट्टरपंथियों के खिलाफ एक्शन लेना शुरू कर दिया है, जिसकी वजह से इस्लामिक मुल्क बिलबिलाये हुए हैं, इसी कड़ी में फ़्रांस ने अब एक और बड़ा फैसला लिया है, फ़्रांस के इस फैसले से मुस्लिमों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपनी योजना के तहत मस्जिदों की फंडिंग और अन्य धार्मिक संगठनों पर कड़ी निगरानी रखने जैसे कदम उठाने की बात कही थी. मैक्रों की इसी योजना को आगे बढ़ाते हुए फ्रांस के गृह मंत्री गेराल्ड डारमैनिन ने रविवार को एक नए बिल की जानकारी दी है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि फ्रांस ने कट्टर इस्लाम के खिलाफ युद्ध शुरू कर दिया है.

फ्रांस के गृह मंत्री ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में ‘अलगाववाद’ को रोकने के लिए एक नए बिल का जिक्र किया. डारमेनिन ने कहा कि अगर कोई विपरीत लिंग के डॉक्टर से इलाज कराने से इनकार करता है तो उसे फ्रांस में पांच साल की जेल हो सकती है और 75,000 यूरो का जुर्माना भरना पड़ सकता है. अगर कोई महिला टीचर से पढ़ने से इनकार करता है तो उसे भी सजा मिलेगी.

आपको बता दें कि मुस्लिम समुदाय के लोग मस्जिदों में फंड वगैरा की जानकारी देते हैं है लेकिन फ़्रांस में अब इन्हें देना पड़ेगा। अटकलें लगाई जा रही हैं की मुस्लिम इसका विरोध भी करना शुरू करेंगे। हालाँकि फ़्रांस ने भी साफ़ कर दिया है कि कट्टरपंथ को ख़त्म करके ही रहेंगे।