फ़्रांस के राष्ट्रपति का ऐलान, हिंसा बर्दाश्त नहीं? हिंसा करने वालों का वो हश्र करेंगे जो कभी न हुआ होगा

फ़्रांस में इन दिनों फ्रेंच नागरिकों पर वीभत्स हमले हो रहे हैं, कभी पैगंबर मुहम्मद का कार्टून दिखाने पर शिक्षक का गला काट दिया जाता है तो कभी चर्च में घुसकर सरेआम लोगों की ह्त्या कर दी जाती है. दोनों घटनाओं को फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने इस्लामिक आतंकवाद करार दिया है, राष्ट्रपति ने कहा कि फ्रांस पर हमला देश के आजादी के मूल्य और आतंक के सामने नहीं झुकने की इच्छा की वजह से किया गया है। यही नहीं, उन्होंने यहां तक कहा है कि फ्रांस इस्लामिक आतंकी हमले के बाद अपने मूल्यों को छोड़ेगा नहीं।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि वह समझ सकते हैं कि पैगंबर मोहम्मद के कार्टून से मुस्लिम समुदाय को धक्का या हैरानी हुई लेकिन इसका मतलब ये नहीं की किसी का गला काट दिया जाएगा, ये सब फ़्रांस में बिल्कुल नहीं चलेगा, उन्होंने कहा कि हिंसा करने वालों का वो हश्र करेंगे ताकि दोबारा कोई ऐसा करने का दुस्साहस न कर सके.

उन्होनें कहा कि फ्रांस के अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि नीस के चर्च में तीन लोगों की चाकू से हत्या करने वाले शख्स को किसी बाहरी की मदद तो नहीं मिली थी।

आपको बता दें कि सितंबर महीने की शुरुआत में चार्ली हैब्दो मैगजीन में मोहम्मद पैगंबर के कार्टून को प्रकाशित करने और उसके बाद पत्रिका के दफ्तरों पर हुए हमलों, एक शिक्षक की हत्या और नीस में चर्च पर हमले को लेकर फ्रांस विवादों के केंद्र में बना हुआ है. एक तरफ इस्लामिक मुल्क फ़्रांस के सामानों का बहिष्कार कर रहे हैं तो वहीँ भारत, इजरायल, आस्ट्रेलिया समेत पूरा यूरोप फ़्रांस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है.

मैक्रों ने कहा था कि फ्रांस अपनी धर्मनिरपेक्ष परंपराओं और कानूनों का पालन करता रहेगा जिनमें अभिव्यक्ति की आजादी सुनिश्चित की गई है। इसके जरिए शार्ली एब्दो को भी पैगंबर मोहम्मद का कार्टून बनाने की आजादी मिलती है जिससे यह बवाल शुरू हुआ था। राष्ट्रपति मैक्रो ने कहा कि इस्लामिक आतंकवाद को जड़ से मिटाकर ही दम लेंगे।