क्या? किसान आंदोलन हो गया है हाईजैक, कपड़ों से पहचाहिये! लोग बोले- जांच होनी चाहिए

कृषि कानून के विरोध में कॉंग्रेस शासित पंजाब के किसानों ने दिल्ली कूच कर दिया है, इस दौरान रास्ते में जमकर उत्पात मचाया। कोरोना का भी ख्याल नहीं रखा. पंजाब के शंभू बॉर्डर की तरफ से दिल्ली जा रहे किसान प्रदर्शनकारियों का प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया. सड़क पर लगे डिवाइडरों को नुकसान पहुंचाया और पुलिस कर्मियों पर पथराव भी किया।

ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या? किसानों का यह आंदोलन हाईजैक हो गया है, किसानों के नाम पर रोटी सेंकी जा रही है, सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिससे इन शंकाओं को बल मिलता है, किसान आंदोलन में कुछ लोग जालीदार टोपी वाले दिखाई दे रहे हैं. हार्दिक भावसार नाम के एक ट्विटर यूजर ने कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें उन्होंने लिखा है कि यह महज संयोग नहीं है बल्कि एक प्रयोग है. शाहीनबाग पार्ट-2 …..

एक ट्विटर यूजर ने लिखा है कि इस तथाकथित किसान आंदोलन की ठीक से जाँच हो गई, तो तय मानिए CAA उपद्रव, ज़ामिया हिंसा और हाथरस मामले की भयानक साज़िश की तरह ही इस बार भी तमाम सफ़ेदपोश चेहरे फिर बेनक़ाब होंगे!!

एक ट्विटर यूजरने लिखा, ये आंदोलन किसानो का नहीं बल्कि उन राजनीतिज्ञों का आंदोलन है जो देश के सियासी पटल से विलुप्त होने की कगार पर है वो किसानो को अपना सियासी हथियार बना रहे है किसान बिल की आड़ में , किसान तो पहले भी मेहनत करता था आज भी कर रहा है!

इससे पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक कथित किसान ने धमकी देते हुए कहा कि कनाडा की धरती पर जाकर ठोक सकते हैं, दिल्ली क्या चीज़ है…इंदिरा ठोक दी..मोदी..

सोचनीय विषय यह भी है कि अगर केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नया कृषि कानून वाकई किसान विरोधी है तो देशभर के किसान क्यों प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं, क्यों सिर्फ पंजाब के किसान ही क्यों प्रदर्शन कर रही हैं. ध्यान रहे कि पंजाब में कॉंग्रेस की सरकार है. कुछ दिन पहले राहुल गांधी पंजाब गए थे कृषि कानून का विरोध करने।

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