कथित किसानों से अपनी जान बचाता दिखा जवान, लोग बोले- ये किसान नहीं खालिस्तानी हैं?

तस्वीर साभार - Narendra Modi fan ट्विटर हैंडल

कृषि कानून के विरोध में कॉंग्रेस शासित पंजाब के किसानों ने दिल्ली कूच कर दिया है, इस दौरान रास्ते में जमकर उत्पात मचाया। कोरोना का भी ख्याल नहीं रखा. पंजाब के शंभू बॉर्डर की तरफ से दिल्ली जा रहे किसान प्रदर्शनकारियों का प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया. सड़क पर लगे डिवाइडरों को नुकसान पहुंचाया और पुलिस कर्मियों पर पथराव भी किया।

ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या? किसानों का यह आंदोलन हाईजैक हो गया है, किसानों के नाम पर रोटी सेंकी जा रही है, सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिससे इन शंकाओं को बल मिलता है, किसान आंदोलन में कहीं जालीदार टोपी वाली दिखाई दे रहे हैं तो कहीं कथित खून-खराबे की धमकी दे रहे हैं. और तो और और कुछ कथित किसानों से सुरक्षाबल अपनी जान बचाते दिखाई दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें एक कथित किसान हाथ में पत्थर लिए हुए दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरा कथित किसान एक सुरक्षाकर्मीं को दबोचने की कोशिश करता हुआ दिखाई दे रहा है. तस्वीरों में देखा जा सकता है कि सुरक्षाकर्मीं इन तथाकथित किसानों से बचने की कोशिश कर रहा है. तस्वीर वायरल होनें के बाद लोगों का कहना है कि ये किसान हो ही नहीं सकते। ये खालिस्तानी हैं. किसान कभी भी जवान हमला नहीं कर सकता।

इससे पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक कथित किसान ने धमकी देते हुए कहा कि कनाडा की धरती पर जाकर ठोक सकते हैं, दिल्ली क्या चीज़ है…इंदिरा ठोक दी..मोदी..

सोचनीय विषय यह भी है कि अगर केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नया कृषि कानून वाकई किसान विरोधी है तो देशभर के किसान क्यों प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं, क्यों सिर्फ पंजाब के किसान ही क्यों प्रदर्शन कर रही हैं. ध्यान रहे कि पंजाब में कॉंग्रेस की सरकार है. कुछ दिन पहले राहुल गांधी पंजाब गए थे कृषि कानून का विरोध करने।