केजरीवाल ने लगाया पटाखों पर बैन तो व्यापारियों का छलका दर्द, हमारे घर में भी दिवाली मनने दीजिये

साभार - न्यूज़ एजेंसी ANI

भारत को एक धर्मनिरपेक्ष देश कहा जाता है, लेकिन ये धर्मनिरपेक्षता सिर्फ हिन्दुओं पर लागू होती है..बात जब मुस्लिमों की आती है तो सारी धर्मनिरपेक्षता धरी की धरी रह जाती है.! दरअसल हिन्दुओं का जब भी कोई त्यौहार होता है खासकर दिवाली तब तमाम सेलिब्रिटी, राज्य सरकारें ज्ञान बांटने आ जाते है कि पटाखे मत फोड़ो नहीं तो पॉल्यूशन फैलेगा।

इस बार दिवाली पर दिल्ली के लोग पटाखे नहीं जला पाएंगे, मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने सभी तरह के पटाखों पर बैन लगा दिया है, केजरीवाल ने कहा कि बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति बदतर होती जा रही है। केजरीवाल के इस फैसले के बाद पटाखे बेंचने वाले व्यापारी नाराज हो गए हैं, उनका कहना है कि अगर बैन ही करना है तो लाइसेंस क्यों जारी किये गए.

न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए एक पटाखा विक्रेता ने कहा कि दिल्ली सरकार को पटाखों पर बैन लगाना ही था तो पहले बता देती और हमें लाइसेंस जारी न करती। हम कोई और काम कर लेते। हमने जो माल उठा रखा है जो बुकिंग कर रखी है वो तो वेस्ट हो गई। हमें कम से कम 15 लाख का नुकसान हो रहा है.

उन्होनें कहा कि दिल्ली सरकार से निवेदन है कि सिर्फ इस सीजन दीवाली तक हमें पटाखे बेचने दिया जाए। इसके बाद जो भी आदेश होगा हम उसे मान लेंगे। सिर्फ एक हफ्ता दीवाली का रह गया है और हम सब इस उम्मीद में है कि हमारे घर में भी दीवाली ढंग से मने.

आपको बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने लोगों से दिवाली पर पटाखे नहीं फोड़ने की अपील करते हुए कहा कि बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति बदतर होती जा रही है।ऐसे में अगर हम इस दिवाली पर पटाखे फोड़ते हैं, तो हम अपने बच्चों और परिवारों के साथ खेल रहे हैं।