मुश्किल में फंसे फारूक और उमर अब्दुल्ला, कभी भी हो सकते हैं गिरफ्तार, घर पर चल सकता है बुल्डोजर

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला की मुश्किलें बढ़ गई हैं, कभी भी दोनों की गिरफ़्तारी हो सकती है और घर पर सरकार का बुल्डोजर चल सकता है, क्योंकि कश्मीर में 25000 करोड़ के रोशनी ज़मीन घोटाले में इन दोनों का नाम आया है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस और मौजूदा वक्त में गुपकार गैंग के मुखिया फारूक अब्दुल्ला का बंगला फ़ॉरेस्ट लैंड पर बना है. यही नहीं नहीं नेशनल कंफ़्रेंस का जम्मू और श्रीनगर वाला दफ्तर भी सरकारी ज़मीन पर अवैध रूप से बना हुआ है. मुमकिन है कि जल्द ही फारूक अब्दुल्ला के अवैध बंगले और दफ्तर को ढहाए जानें की कार्यवाही शुरू हो जाय ताकि सरकारी जमीन कब्जे से मुक्त हो सके.

25000 करोड़ के रोशनी ज़मीन घोटाले में फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला का नाम सामने आने के बाद यह साफ हो गया कि इन सबको धारा 370 से दिक्कत नहीं थी, उन्हें दिक्कत रोशनी की आड़ में हुई इसी लूट के अंधेरे पर जांच एजेंसियों के टॉर्च पड़ने की थी। धारा 370 इसी टॉर्च के ऑफ रहने की गारंटी थी जोकि मोदी सरकार ने ख़त्म कर दिया।

जम्मू कश्मीर हाइकोर्ट के आदेश के बाद केंद्रशासित क्षेत्र के प्रशासन ने विवादित रोशनी भूमि योजना के तहत जमीन हासिल करने वालों की सूची सार्वजनिक की है। प्रशासन ने मंगलवार को ऐसे लोगों की एक सूची जारी की, जिन्होंने दूसरों को दी गई जमीन पर अतिक्रमण किया। सूची में बताया गया है कि विवादित रोशनी कानून के तहत नेशनल कॉन्फ्रेंस के श्रीनगर और जम्मू के मुख्यालयों को भी वैध बनाया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुजवां में करीब एक एकड़ क्षेत्र में बना फारूक और उमर का आवास अतिक्रमण वाली सरकारी जमीन पर बना है। राजस्व रिकॉर्ड में तो इसे नहीं दिखाया गया, लेकिन इस पर अतिक्रमण किया गया।

गौरतलब है कि इस समय फारूक अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर में धारा 370 वापस लगाए जानें की कवायद में जुटे हैं, डीडीसी का चुनाव भी इस बार सभी दल मिलकर लड़ेंगे। इस गठबंधन का नाम है गुपकार।

loading...