किसान करेंगे दिल्ली जाम, टैक्स बढ़ाकर सरकार आम लोगों से करेगी नुकसान की भरपाई

कृषि कानून का विरोध करने निकले पंजाब के किसान दिल्ली बॉर्डर के आसपास जमावड़ा लगाए हुए हैं, कुछ लोग इन किसानों का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ लोग विरोध कर रहे हैं, कुछ लोगों का यह भी मानना है कि सरकार को किसानों से बातचीत करके आंदोलन ख़त्म करवाना चाहिए। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया लेकिन किसानों ने बातचीत करने से इनकार कर दिया और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।

आंदोलनकारी किसान अब दिल्ली के पांच प्रमुख एंट्री पॉइंट को बंद करने की तैयारी में हैं, अगर किसानों ने दिल्ली के 5 प्रमुख इंट्री पॉइंट को ब्लॉक किया तो इसका सीधा असर दिल्ली में रहने वालों लोगों पर पड़ने वाला है। दिल्ली में खाने-पीने की अधिकतर चीजे (दुध, फल, सब्जी आदि) बाहर से आती हैं।

दिल्ली को बंद करेंगे किसान लेकिन इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा आम लोगों को, जी हाँ! सरकार टैक्स बढ़ाकर आम लोगों से ही नुकसान की भरपाई करेगी। चाहे पेट्रोल-डीजल पर टैक्स बढ़ा दे क्या किसी अन्य सामानों पे बढ़ा दे। मतलब किसानों के आंदोलन से आम जनता का ज्यादा नुकसान है।

बता दें कि किसान नेताओं ने रविवार ( 29 नवंबर, 2020 ) को प्रेस-कॉन्फ्रेंस करके कहा था कि सरकार द्वारा बातचीत के लिए जो कंडीशन थी हम उसे किसान संगठनों का अपमान मानते हैं। अब हम बुराड़ी पार्क में बिलकुल नहीं जाएंगे। हमें पता चला है कि वो पार्क नहीं ओपन ज़ेल है। हम ओपन ज़ेल में जाने की बजाय 5 मेन मार्ग जाम कर दिल्ली की घेराबंदी करेंगे।