मायावती ने किया लव जिहाद कानून का विरोध तो पूर्व DGP बृजलाल ने दिया करारा जवाब

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने लव जिहाद कानून पर सवाल उठाते हुए योगी सरकार से पुनर्विचार करने की अपील की है, मायवती ने सीएम योगी से ‘उत्‍तर प्रदेश विधि विरूद्ध धर्म संपविर्तन प्रतिषेध अध्‍यादेश, 2020’ कानून पर पुनर्विचार करने की अपील की है। मायावती के इस ट्वीट के बाद उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक ( डीजीपी ) बृजलाल ने उन्हें करारा जवाब दिया है.

दरअसल बसपा सुप्रीमों मायावती ने अपने ट्वीट में लिखा, लव जिहाद को लेकर यूपी सरकार द्वारा आपाधापी में लाया गया धर्म परिवर्तन अध्यादेश अनेकों आशंकाओं से भरा जबकि देश में कहीं भी जबरन व छल से धर्मान्तरण को न तो खास मान्यता व न ही स्वीकार्यता। इस सम्बंध में कई कानून पहले से ही प्रभावी हैं। सरकार इस पर पुनर्विचार करे, बीएसपी की यह माँग।

इसके बाद राज्यसभा सांसद और यूपी के पूर्व डीजीपी ने ट्वीट कर कहा कि लव जिहाद की शिकार दलित बेटियों की सिसकियां आपको व्यथित नहीं करती हैं बहन जी? तुष्टिकरण की सियासत ने आपको बिल्कुल हृदयहीन कर दिया है। लव जिहाद एवं अनुचित धर्मांतरण का सबसे बड़ा शिकार दलित वर्ग ही है। खैर, आप करिए तुष्टिकरण। योगी जी के रूप में दलितों को सच्चा रहनुमा मिल गया है।

दलित समुदाय से तालुक रखने वाले बृजलाल ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, मायावती जी, आपकी जानकारी में ला दूं कि प्रदेश के दलित और पिछड़ी जातियों से आने वाली बेटियां सबसे ज्यादा लव जिहाद के निशाने पर हैं। आप इन दलित बेटियों के हक़ की बात करने के बजाए किसका साथ दे रही हैं? उन्होंने लिखा, मायावती जी, देखा गया है कि लव जिहाद के अधिकतर मामलों में शिकार दलित और पिछड़ी जातियों की लड़कियां हुई हैं, ऐसा समाज जिसका आप खुद को मसीह समझती हैं। आप स्पष्ट कीजिए कि आप किसके साथ हैं। लव जिहाद से ने सबसे ज्यादा प्रदेश के दलितों और अति पिछड़ी जातियों को नुकसान पंहुचाया। इन्हें सुरक्षित माहौल प्रदान करना और उनकी पहचान को बचाना कैसे गलत हो सकता है। आपके इस ट्वीट के क्या मायने हैं मायावती जी।