हैदराबाद: योगी के जाल में फंस गए ओवैसी, भाजपा को इसी का था बेसब्री से इन्तजार

हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनाव में प्रचार करने के लिए शनिवार ( 28 नवंबर, 2020 ) को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हैदराबाद पहुंचे। सीएम योगी के पहुँचते ही हैदराबाद भगवामय हो गया. सीएम योगी शनिवार को यहां प्रचार के लिए पहुंचे तो जिले के तमाम इलाके भगवामय नजर आए। इस दौरान सुपरहिट फिल्म बाहुबली का गाना ‘जियो रे बाहुबली’ भी रोड शो में बजता दिखा।

हैदराबाद असदुद्दीन ओवैसी का गढ़ माना जाता है, लम्बे समय से ओवैसी यहाँ से लोकसभा चुनाव जीतते आये हैं, ओवैसी का किला भेदने के लिए भाजपा ने जाल बिछाया और इत्तेफाक से बहुत ही कम समय में ओवैसी उस जाल में फंस भी गए जिसका भाजपा को बेसब्री से इन्तजार था.

दरअसल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों को सम्बोधित करते हुए हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्यनगर करने पर जोर दिया। अब इस पर ओवैसी ने पलटवार किया है, ओवैसी का कहना है कि तुम्हारा ( योगी आदित्यनाथ ) नाम बदल जाएगा लेकिन हैदराबाद का नहीं। वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने अपने ट्वीट में लिखा है कि राजनीतिक समझ बताती है कि बीजेपी को ओवैसी के इसी पलटवार का इंतज़ार था। हैदराबाद के नाम का एजेंडा ओवैसी के लिए एक ट्रैप यानी जाल था। वे आखिर इस ट्रैप में आ ही गए!

हैदराबाद की धरती से सीएम योगी ने ओवैसी और सत्तारूढ़ टीआरएस पर निशाना साधते हुए कहा कि TRS और AIMIM का नापाक गठबंधन बना है, ये यहां (हैदराबाद) के विकास में बाधा बन रहा है। यहां का प्रत्येक नागरिक, व्यापारी परेशान है। यहां की सरकार और कॉर्पोरेशन में जो लोग रहे हैं उनका विकास और जनता की बुनियादी सुविधाओं से कोई लेना देना नहीं हैं.

इसके अलावा उन्होंने कहा कि भाजपा पूरी मजबूती के साथ अपने चुनाव घोषणा पत्र के माध्यम से आपके बीच उपस्थित हुई है। एक अच्छे ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के गठन के लिए भाजपा को यहां भारी बहुमत से विजयी बनाने के लिए हमें आगे आना होगा। सीएम योगी ने हैदराबाद का नाम बदलने पर जोर देते हुए कहा कि हमने फैज़ाबाद का नाम अयोध्या किया। हमने इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किया। ये हमारे संस्कृति के प्रतीक हैं। तो हैदराबाद का प्राचीन नाम भाग्यनगर क्यों नही हो सकता।