अर्नब के लिए गड्ढा खोदने वाले उद्धव ठाकरे खुद भी आत्मह्त्या केस में फंसे

एक इंटीरियर डिजाइनर और उनकी मां को खुदकुशी के लिए कथित रूप से उकसाए जाने के 2 साल पहले बंद हो चुके मामले में मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया था. आरोप लग रहा है कि उद्धव ठाकरे सरकार ने बदले की भावना से कार्यवाही करते हुए अर्णब को गिरफ्तार करवाया। एक तरह से कहें तो उद्धव सरकार ने अर्नब के लिए गड्ढा खोदा।

सीएम उद्धव ठाकरे ने गड्ढा खोदा अर्नब के लिए लेकिन अब खुद उसी में गिर पड़े हैं, सोशल मीडिया पर एक सुसाइड नोट वायरल हो रहा है, लोगों का दावा है कि मनोज चौधरी नाम के बस कंडक्टर ने आत्महत्या इसीलिए की क्योंकि उन्हें उनकी सैलरी नहीं मिली थी। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर के साथ उनका आखिरी पत्र भी शेयर किया जा रहा है। इसमें ठाकरे सरकार और शिवसेना लिखा हुआ है।

पूरा मामला जलगाँव जिले के कुसुम्बा गाँव का है, जहाँ मनोज चौधरी नाम के एसटी कर्मचारी ने वेतन न मिलने के कारण अपने आवास पर फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कंडक्टर मनोज चौधरी ने अपने पत्र में एसटी निगम और ठाकरे सरकार को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया। आत्महत्या से पहले उन्होंने एक सुसाइड नोट भी लिखा।

इस सुसाइड नोट के सामने आने के बाद उद्धव ठाकरे की मुश्किलें बढ़ गई हैं, लोगों का कहना है कि उद्धव के खिलाफ कार्यवाही कब होगी, अभी राज्य में शिवसेना की सरकार है, खुद उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री हैं, इसलिए उनके खिलाफ कार्यवाही होना नामुंमकिन है। हो सकता है जब महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन हो और ये केस खुले तो अर्णब का हवाला देकर पुलिस उद्धव को जेल में डाल सकती है।