कपिल सिब्बल ने कांग्रेस नेतृत्व पर उठाये सवाल तो गहलोत को लगी मिर्ची, खोल दिया सिब्बल के खिलाफ मोर्चा

बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की करारी हार के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने पार्टी नेतृत्व पर खुलकर सवाल उठाया। कपिल सिब्बल ने कांग्रेस नेतृत्व के काम करने के तरीक़े पर सवाल उठा दिए हैं। जो अशोक गहलोत को पसंद नहीं आया और उन्होंने अब कपिल सिब्बल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

दरअसल कपिल सिब्बल अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) सेलेक्शन प्रक्रिया में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अनदेखी होती है। उन्होंने कहा कि हार के बाद भी कांग्रेस नेतृत्व सबक नहीं लेना चाहता। जनता कांग्रेस को ठोस विकल्प मानती ही नहीं?

कपिल सिब्बल ने कहा कि पिछले 6 साल में कांग्रेस पार्टी ने आत्मचिंतन नहीं किया है. ऐसे में आप क्या उम्मीद कर सकते हैं कि पार्टी अब आत्मचिंतन करेगी। कपिल सिब्बल ने कहा कि देश के लोग कांग्रेस को एक प्रभावी विकल्प नहीं मानते। उन्होंने कहा कि बिहार में तो हारे ही गुजरात उपचुनाव में सभी सीटों पर चुनाव हार गए, तीन उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई. लोकसभा चुनाव में भी हमने गुजरात में एक भी सीट नहीं जीती थी. उत्तर प्रदेश के उपचुनाव में भी कांग्रेस का बुराहाल रहा. यूपी उपचुनाव में कांग्रेस के कुछ उम्मीदवारों को 2% से भी कम वोट मिले।

कपिल सिब्बल के इस इंटरव्यू के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आगबबूला हो गए, और उन्होंने सिब्बल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अशोक गहलोत ने एक के बाद एक ट्वीट करते हुए कहा कि कपिल सिब्बल को पार्टी के आंतरिक मामले को मीडिया के सामने रखने की जरूरत नहीं थी। इससे पूरे देश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है।

अशोक गहलोत ने लिखा, कांग्रेस ने 1969, 1977, 1989 और 1996 में सहित विभिन्न संकटों को देखा है लेकिन हर बार जब हम अपनी विचारधारा, कार्यक्रमों, नीतियों और पार्टी नेतृत्व में दृढ़ विश्वास के कारण मजबूत हुए। सभी संकट से उबरते हुए कांग्रेस ने 2004 में सोनिया जी के कुशल नेतृत्व में यूपीए सरकार बनी, हम इस मौजूदा संकट को भी दूर करेंगे।