तलोजा जेल में अर्नब को खतरा, कैदियों की मारपीट में कहीं मरवा न दें अर्नब को, लोगों ने जताई आशंका

साभार - रिपब्लिक टीवी

मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गए रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी को आज अलीबाग क्वारंटाइन सेंटर से तलोजा जेल भेज दिया गया. सुबह 9 बजे पुलिस वैन में अर्नब गोस्वामी को बैठाकर मुंबई पुलिस अलीबाग क्वारंटाइन सेंटर से तलोजा जेल गई।

अर्नब गोस्वामी को तलोजा जेल भेजे जानें के बाद लोगों ने आशंका जताई है कि कहीं अर्नब को जेल में मरवा न दिया जाय, क्योंकि अर्णब गोस्वामी को जिस तलोजा जेल में बंद किया गया है उसमें बहुत खूंखार कैदी और आतांकवादी बंद हैं, आतंकी दाऊद के गुर्गे भी उसी तलोजा जेल में बंद हैं, बॉलीवुड में ड्रग्स एंगल का खुलासा करने के बाद अर्नब दाऊद के निशाने पर भी हैं, ऐसे में जेल में उनके साथ कुछ भी अनहोनी हो सकती है, अर्नब ने खुद अपनी जान को खतरा बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से मदद की गुहार लगाई है।

अर्नब गोस्वामी ने जिस हिसाब से सुप्रीम कोर्ट से मदद की गुहार लगाई है, उसके मुताबिक़, ये भी हो सकता है कि जेल में कैदियों के बीच आपसी मारपीट हो गयी और अर्नब उसी में मारे गए।

रिटायर्ड मेजर जनरल जीडी बख्शी ने भी कहा है कि केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट को अर्नब मामलें में तत्काल दखल देना चाहिए क्योंकि जिस तलोजा जेल में अर्नब को ले जाया गया है वहां आतंकी दाऊद के गुर्गे हैं, अर्नब के साथ कुछ भी हो सकता है, जीडी बक्शी ने कहा कि अर्नब को सरबजीत सिंह नहीं बनाया जाना चाहिए।

बताते चलें कि अर्नब गोस्वामी ने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से मदद की गुहार लगाई है. जेल जाते वक्त अर्नब गोस्वामी ने कहा था कि मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है, सुबह 6 बजे मेरे साथ धक्कामुक्की की गई, मेरी जान को खतरा है, मुझे मेरे वकील से नहीं मिलने दिया जा रहा है।

अर्नब के इतना कहते ही पुलिस ने वैन को काले कपडे से ढक दिया, ताकि अर्नब बोल न पाएं, बोले भी तो उनकी आवाज कहीं रिकॉर्ड न हो पाए. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या अर्नब मामलें में सुप्रीम कोर्ट स्वतः संज्ञान लेती है या नहीं।