केंद्र सरकार से भी उठा अर्नब गोस्वामी का भरोसा, सुप्रीम कोर्ट से लगाई मदद की गुहार

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी इस समय गंभीर संकट में हैं, केंद्र सरकार से भी उनका भरोसा उठ चुका है, रिपब्लिक टीवी ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें अर्नब ने सुप्रीम कोर्ट से मदद की गुहार लगाई है. उन्होंने कहा कि मेरी जान को खतरा है.

आज अर्नब गोस्वामी को मुंबई पुलिस अलीबाग क्वारंटाइन सेंटर से तलोजा जेल ले जा रही है, इस दौरान अर्नब गोस्वामी किसी तरह मीडिया से बातचीत करने में कामयाब रहे, वो पुलिस की वैन में बैठे थे, अर्नब गोस्वामी ने चींखते कहा की – “मेरी जान को खतरा है, मेरी मदद की जाय. उन्होनें कहा कि मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है, सुबह 6 बजे मेरे साथ धक्कामुक्की की गई, मेरी जान को खतरा है, मुझे मेरे वकील से नहीं मिलने दिया जा रहा है…अर्नब गोस्वामी इससे पहले की और कुछ बता पाते, पुलिस ने अपनी गाडी को तेज कर लिया और उनको लेकर चली गयी।

आपको बता दें कि अर्नब गोस्वामी को जब मुंबई पुलिस ने बर्बरतापूर्वक तरीके से गिरफ्तार किया था तो केंद्र सरकार ने सिर्फ ट्वीट करके पल्ला झाड़ लिया, और कोई मदद करने की कोशिश नहीं की, इसको शायद अब अर्नब गोस्वामी भी समझ चुके हैं, इसी कारण अब उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट से मदद की गुहार लगाई है. अर्नब गोस्वामी अब समझ चुके हैं कि केंद्र सरकार ट्वीट के अलावा उनकी कोई मदद नहीं कर रही है, अब उन्हें अकेले ही क़ानूनी लड़ाई लड़ना होगा।

मुंबई पुलिस अर्नब गोस्वामी को एक ऐसी वैन से जेल ले जा रही है जो चारों तरफ से काले कपडे से ढकी हुई है, इसलिए अर्नब गोस्वामी की ताजा तस्वीर भी सामनें नहीं आई. अलीबाग क्वारंटाइन सेंटर से तलोजा जेल की दूरी तकरीबन ढाई से तीन घंटे की है.

गौरतलब है कि अर्नब गोस्वामी को मुंबई के इंटीरियर डिजाइनर अन्वय और उनकी मां को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में बुधवार को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था. वे 18 नवंबर तक ज्यूडिशियल कस्टडी में हैं।